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जम्मू-कश्मीर में स्कूलबंदी पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर लगाई रोक
जेएनएफ/जम्मू
Updated Thu, 15 Dec 2016 11:41 PM IST
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हाईकोर्ट
- फोटो : Demo Pic.
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सरकारी स्कूलों के युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) के तहत की जा रही स्कूलबंदी पर जम्मू हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक के आदेश जारी कर दिए हैं। गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल सिटी चौक जम्मू की इमारत गिराकर पार्किंग बनाए जाने के मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने स्कूलबंदी पर तत्काल रोक लगा दी।
हाईकोर्ट ने कहा, जिन स्कूलों में बच्चे पढ़ रहे हैं उन स्कूलों को बंद करने पर रोक लगाई जाती है। सरकार यदि अपनी युक्तिकरण नीति के तहत किसी स्कूल को बंद करना भी चाहती है तो उसे पहले हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एन पाल वसंथाकुमार और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की डिविजन बेंच ने एडवोकेट जहांगीर इकबाल गनेई और एएजी रविंदर गुप्ता को सुनने के बाद सरकार को स्कूली बंदी से रोक दिया। कोर्ट ने कहा यदि किसी जायज वजह से स्कूल बंद भी करना है तो हाईकोर्ट से सरकार को अनुमति लेनी होगी।
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हाईकोर्ट ने कहा, जिन स्कूलों में बच्चे पढ़ रहे हैं उन स्कूलों को बंद करने पर रोक लगाई जाती है। सरकार यदि अपनी युक्तिकरण नीति के तहत किसी स्कूल को बंद करना भी चाहती है तो उसे पहले हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी।
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एन पाल वसंथाकुमार और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की डिविजन बेंच ने एडवोकेट जहांगीर इकबाल गनेई और एएजी रविंदर गुप्ता को सुनने के बाद सरकार को स्कूली बंदी से रोक दिया। कोर्ट ने कहा यदि किसी जायज वजह से स्कूल बंद भी करना है तो हाईकोर्ट से सरकार को अनुमति लेनी होगी।
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स्कूलबंदी के फैसले का अभिभावक भी कर रहे थे विरोध
स्कूल
- फोटो : Demp Pic.
आदेश की व्याख्या में डिविजन बेंच ने कहा कि भारतीय संविधान की धारा 21-ए में 14 वर्ष तक बच्चों की शिक्षा का मामला मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने पाया कि जम्मू-कश्मीर स्कूल एजूकेशन एक्ट, 2002 की धारा 4 के मुताबिक बच्चों को 8वीं तक निशुल्क शिक्षा देना अनिवार्य है। एक्ट 17 मई 2004 को लागू हुआ और उसके बनने के बाद अगले 10 वर्षों में तमाम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना तय हुआ था।
ऐसे में बच्चों को शिक्षा देना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रिंट मीडिया में आई खबर का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के तौर पर लिस्ट कर लिया। सरकार के इस फैसले का स्कूली बच्चे और अभिभावक विरोध कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने पाया कि सरकार ने सिटी चौक पर स्थित जिस स्कूल को बंद करने का आदेश जारी किया है उसमें 200 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। उससे भी हैरत की बात है कि शैक्षिक सत्र के मध्य में यह सब हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकार की युक्तिकरण नीति के तहत 3000 स्कूल आ रहे हैं। इनकी शिक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ऐसे में बच्चों को शिक्षा देना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रिंट मीडिया में आई खबर का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के तौर पर लिस्ट कर लिया। सरकार के इस फैसले का स्कूली बच्चे और अभिभावक विरोध कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने पाया कि सरकार ने सिटी चौक पर स्थित जिस स्कूल को बंद करने का आदेश जारी किया है उसमें 200 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। उससे भी हैरत की बात है कि शैक्षिक सत्र के मध्य में यह सब हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकार की युक्तिकरण नीति के तहत 3000 स्कूल आ रहे हैं। इनकी शिक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।