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Jammu News: जीएमसी में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट का चयन चार सप्ताह में करे यूटी प्रशासन
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जम्मू । जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की डिविजनल बैंच ने जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. नरिंदर सिंह भुटियाल की नियुक्ति को खारिज करने के खिलाफ दायर लेटर पेटेंट अपील (एलपीए) पर सुनवाई की। बैंच ने यूटी प्रशासन को आदेश दिया कि चार सप्ताह के भीतर नया एमएस लगाकर प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। न्यायमूर्ति ताशी और न्यायमूर्ति पुनीत गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन चार सप्ताह की अवधि के भीतर सकारात्मक आधार पर चिकित्सा अधीक्षक के चयन का पहल के आधार पर निष्कर्ष निकाले। अगली तारीख या उससे पहले रिकॉर्ड पर अनुपालन करे।
जब याचिका सुनवाई के लिए आई तो डिविजन बेंच ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया, जिसे वकीलों ने स्वीकार कर लिया। खंडपीठ ने दूसरी तरफ से भी आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया। कहा कि डब्ल्यूपी (सी) नंबर 1293/2023 में प्रतिवादी नंबर 2 यानी जम्मू-कश्मीर यूटी चिकित्सा अधीक्षक के चयन को शुरू और समाप्त करेगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू में आज से चार सप्ताह की अवधि के भीतर सकारात्मक रूप से और अगली तय तारीख यानी 14 जून को या उससे पहले अनुपालन को रिकॉर्ड में रखें।
कैट ने विवादित आदेश रद्द कर नहीं बताया कि कामकाज कौन देखेगा
खंडपीठ ने कहा कि कैट ने 16 मार्च के विवादित आदेश को रद्द तो कर दिया, लेकिन 31 अक्टूबर, 2022 के विवादित आदेश को निर्दिष्ट नहीं किया। न ही तय किया कि जीएमसी के एमएस के रूप में कर्तव्यों का पालन कौन करेगा। उपर्युक्त तथ्य को ध्यान में रखते हुए और प्रशासन के दिन-प्रतिदिन के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए डॉ. नरिंदर सिंह अस्थायी तौर पर चिकित्सा अधीक्षक का काम देखेंगे। दलील के दौरान यह कहा गया कि डॉ. राकेश कुमार शर्मा, जो रिट याचिकाओं में प्रतिवादी हैं, ने कैट द्वारा पारित फैसले के मद्देनजर अवमानना याचिका दायर की है। इस पर निर्देश दिया कि अवमानना याचिकाओं की कार्यवाही न्यायालय द्वारा ऊपर दिए गए निर्देशों के मद्देनजर स्थगित रहेगी।
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जब याचिका सुनवाई के लिए आई तो डिविजन बेंच ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया, जिसे वकीलों ने स्वीकार कर लिया। खंडपीठ ने दूसरी तरफ से भी आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया। कहा कि डब्ल्यूपी (सी) नंबर 1293/2023 में प्रतिवादी नंबर 2 यानी जम्मू-कश्मीर यूटी चिकित्सा अधीक्षक के चयन को शुरू और समाप्त करेगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू में आज से चार सप्ताह की अवधि के भीतर सकारात्मक रूप से और अगली तय तारीख यानी 14 जून को या उससे पहले अनुपालन को रिकॉर्ड में रखें।
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कैट ने विवादित आदेश रद्द कर नहीं बताया कि कामकाज कौन देखेगा
खंडपीठ ने कहा कि कैट ने 16 मार्च के विवादित आदेश को रद्द तो कर दिया, लेकिन 31 अक्टूबर, 2022 के विवादित आदेश को निर्दिष्ट नहीं किया। न ही तय किया कि जीएमसी के एमएस के रूप में कर्तव्यों का पालन कौन करेगा। उपर्युक्त तथ्य को ध्यान में रखते हुए और प्रशासन के दिन-प्रतिदिन के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए डॉ. नरिंदर सिंह अस्थायी तौर पर चिकित्सा अधीक्षक का काम देखेंगे। दलील के दौरान यह कहा गया कि डॉ. राकेश कुमार शर्मा, जो रिट याचिकाओं में प्रतिवादी हैं, ने कैट द्वारा पारित फैसले के मद्देनजर अवमानना याचिका दायर की है। इस पर निर्देश दिया कि अवमानना याचिकाओं की कार्यवाही न्यायालय द्वारा ऊपर दिए गए निर्देशों के मद्देनजर स्थगित रहेगी।
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