फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   High court asks for report on government's facilities

हाईकोर्ट ने मूकबधिर की सुविधाओं पर सरकार से मांगी रिपार्ट

विज्ञापन
High court asks for report on government's facilities
जम्मू। परालकोट गांव में मूक बधिर जनसंख्या पर हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग से ताजा एटीआर जमा कराने को कहा है। पुंछ के इस गांव में मूक बधिर लोगों को लेकर समाचार प्रकाशित हुआ था। इसमें बताया गया कि गांव के अधिकतर लोग मूक बधिर हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने इसे लेकर अपने स्तर पर संज्ञान लिया और जनहित याचिका दायर की।
विज्ञापन

मंगलवार को चीफ जस्टिस पंकज मित्थल और जस्टिस जावेद इकबाल वानी वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। साथ ही आदेश दिया कि इस मामले में ताजा रिपोर्ट पेश करें। इसके साथ जम्मू यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट भी भेजें। यह रिपोर्ट गांव को लेकर बनाई गई है। बता दें कि 2018 में यह मामला सामने आया था। इसमें बताया गया कि गांव के अधिकतर लोग मूक बधिर हैं। इसके बाद गांव का एक अध्यन कराया गया। इसमें सामने आया कि गांव में 23 परिवारों में 140 लोग रहते हैं। इनमें से 16 मूक बधिर हैं। तब कोर्ट में बताया गया कि सरकार द्वारा इन लोगों के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मंजूर की गई है। साथ ही पुनर्वास के लिए वोकेशनल स्किल डेवेलपमेंट कोर्स भी मंजूर किया गया है, जिसके लिए सवा तीन लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि वह नहीं जानते कि सरकार ने मंजूर किया है कि या नहीं। लिहाजा इसे लेकर ताजी रिपोर्ट हलफनामे में पेश करें। जेएनएफ
विज्ञापन

स्कूलों में शिक्षक-विद्यार्थियों की संख्या संतुलित बनाने पर रिपोर्ट तलब
जम्मू। हाईकोर्ट ने स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या को संतुलित करने के लिए सरकार से जवाब मांगा है। पहले भी सरकार ने जवाब दिया था। अब फिर से सरकार से कहा गया है कि वह इसे लेकर चलने वाले सभी प्रोजेक्टों की जानकारी वाली रिपोर्ट पेश करे। दरअसल, हाईकोर्ट में ऑल जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख टीचर फेडरेशन ने कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि स्कूलों में बिना किसी भेदभाव के संतुलन बनाए रखें। कोर्ट ने कहा है कि जो रिपोर्ट पेश की गई है, उसमें यह नहीं बताया गया कि कितने प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। जेएनएफ
विज्ञापन
विज्ञापन

श्मशान घाट में सुविधाओं पर पेश रिपोर्ट से कोर्ट नाखुश
जम्मू। शहर के श्मशान घाट में सुविधाओं को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर कोर्ट ने असंतुष्टि जताई है। चीफ जस्टिस पंकज मित्थल और जस्टिस जावेद इकबाल वाली खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। याचिका में मांग की गई थी कि श्मशान घाटों की हालत में सुधार किया जाए। खासकर जोगी गेट के शमशान घाट की खस्ता हालत को प्रमुखता से उठाया गया था। कोर्ट ने कहा कि नगर निगम ने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें यह नहीं बताया गया कि किस तरह के मरम्मत कार्य कराए गए हैं। श्मशान घाट और कब्रिस्तान को लेकर किस तरह के प्रोजेक्ट चलाए गए हैं। लिहाजा नगर निगम फिर से रिपोर्ट पेश करे और तमाम जानकारियां दे। जेएनएफ

सरकार से बेहतर की उम्मीद पर याचिका खत्म
जम्मू। हाईकोर्ट में मानसिक रूप से कमजोर लोगों की हालत में सुधार को लेकर याचिका दायर की गई थी। जिसे हाईकोर्ट ने बंद कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस उम्मीद से केस को बंद कर दिया कि ऐसे लोगों के लिए जो नियम कानून बने हैं, उसमें सरकार सुधार करेगी और इन लोगों के उत्थान के लिए कार्य करेगी। जस्टिस अली मोहम्मद मागरे और विनोद चटर्जी कौल वाली खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले को लेकर सुनवाई की। हालांकि, यह भी कहा कि यदि सरकार के काम से अपीलकर्ता संतुष्ट न हो, तो कोर्ट में अपीलकर्ता फिर से बता सकते हैं। जेएनएफ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed