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हेरोइन बरामदगी : आरोपी को बरी करने का फैसला बरकरार
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जम्मू। हाईकोर्ट ने रामबन के व्यक्ति को 680 ग्राम हेरोइन बरामदगी मामले में निचली अदालत के बरी करने के फैसले को बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष एनडीपीएस एक्ट के तहत आवश्यक सुरक्षा उपायों के पालन में नाकाम रहा।
जस्टिस सिंधु शर्मा और जस्टिस शहजाद अजीम की डिवीजन बेंच ने मोहम्मद इरफान को 2012 में बरी करने के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य की अपील खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार इरफान को ग्रेटर कैलाश (जम्मू) के पास नशे के साथ पकड़ा था।
हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का पालन नहीं किया जिसके मुताबिक किसी आरोपी को गजेटेड ऑफिसर या मजिस्ट्रेट के सामने तलाशी लेने के उसके अधिकार के बारे में बताया जाना चाहिए। अभियोजन पक्ष के गवाहों ने अलग-अलग बयान दिए थे। हाईकोर्ट ने बरामदगी को संदिग्ध माना औक निचली अदालत के फैसले में कोई कमी नहीं पाई। जेएनएफ
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जस्टिस सिंधु शर्मा और जस्टिस शहजाद अजीम की डिवीजन बेंच ने मोहम्मद इरफान को 2012 में बरी करने के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य की अपील खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार इरफान को ग्रेटर कैलाश (जम्मू) के पास नशे के साथ पकड़ा था।
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हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का पालन नहीं किया जिसके मुताबिक किसी आरोपी को गजेटेड ऑफिसर या मजिस्ट्रेट के सामने तलाशी लेने के उसके अधिकार के बारे में बताया जाना चाहिए। अभियोजन पक्ष के गवाहों ने अलग-अलग बयान दिए थे। हाईकोर्ट ने बरामदगी को संदिग्ध माना औक निचली अदालत के फैसले में कोई कमी नहीं पाई। जेएनएफ
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