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Jammu News: अखनूर के गुरहा ब्राह्मणा पूर्व में 52 कनाल फसल को नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। तेज हवा से अखनूर क्षेत्र के गुरहा ब्राह्मणा पूर्व, गुरहा ब्राह्मणा पश्चिम, बोमाल, गरखाल, मुठी, सोहल, भलवाल, आदि गांवों में धान की पकी फसल खेतों में गिर गई। गुरहा ब्राह्मणा पूर्व के किसान बलवान सिंह, विजेंदर सिंह, उत्तम सिंह, करनैल सिंह, दीपक वर्मा, गिरधारी लाल चौधरी, राजू चौधरी, बलवीर चौधरी, सोहन लाल चौधरी की धान की फसल खेतों में गिरी है। इनकी अनुमानित 52 कनाल फसल को नुकसान हुआ है।
किसानों ने बताया कि महीनों तक कड़ी मेहनत कर यह फसल तैयार हुई थी। कटाई के लिए तैयार फसल को बेमौसम बारिश ने बर्बाद कर दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पानी में गिरी फसल यदि जड़ से नहीं उखड़ी है तो धूप के साथ खड़ी हो जाएगी। फिर भी 40 से 50 फीसदी उत्पादन घट जाएगा। उधर, उपमंडल कृषि अधिकारी अखनूर ओम प्रकाश ने बताया कि टीम के साथ उन्होंने चक किरपालपुर क्षेत्र में गए थे। वहां से आते वक्त कुछ गांवों का जायजा लिया है। कर्मचारियों को सभी गांवों के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट जल्द बनाने के लिए कहा है। सभी कर्मचारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद अलग-अलग गांवों के नुकसान का पता चलेगा। विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद फसल बीमा योजना के अनुसार किसानों के मुआवजे के लिए कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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अखनूर। तेज हवा से अखनूर क्षेत्र के गुरहा ब्राह्मणा पूर्व, गुरहा ब्राह्मणा पश्चिम, बोमाल, गरखाल, मुठी, सोहल, भलवाल, आदि गांवों में धान की पकी फसल खेतों में गिर गई। गुरहा ब्राह्मणा पूर्व के किसान बलवान सिंह, विजेंदर सिंह, उत्तम सिंह, करनैल सिंह, दीपक वर्मा, गिरधारी लाल चौधरी, राजू चौधरी, बलवीर चौधरी, सोहन लाल चौधरी की धान की फसल खेतों में गिरी है। इनकी अनुमानित 52 कनाल फसल को नुकसान हुआ है।
किसानों ने बताया कि महीनों तक कड़ी मेहनत कर यह फसल तैयार हुई थी। कटाई के लिए तैयार फसल को बेमौसम बारिश ने बर्बाद कर दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पानी में गिरी फसल यदि जड़ से नहीं उखड़ी है तो धूप के साथ खड़ी हो जाएगी। फिर भी 40 से 50 फीसदी उत्पादन घट जाएगा। उधर, उपमंडल कृषि अधिकारी अखनूर ओम प्रकाश ने बताया कि टीम के साथ उन्होंने चक किरपालपुर क्षेत्र में गए थे। वहां से आते वक्त कुछ गांवों का जायजा लिया है। कर्मचारियों को सभी गांवों के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट जल्द बनाने के लिए कहा है। सभी कर्मचारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद अलग-अलग गांवों के नुकसान का पता चलेगा। विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद फसल बीमा योजना के अनुसार किसानों के मुआवजे के लिए कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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