फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Heart attack cases increase in Jammu Kashmir due to cold

कड़ाके की ठंड में दगा दे रहा दिल, जम्मू-कश्मीर में हार्ट अटैक के मामले बढ़े, इन बातों का ध्यान रखें

Fri, 03 Jan 2020 03:26 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 03 Jan 2020 03:26 PM IST
विज्ञापन
Heart attack cases increase in Jammu Kashmir due to cold
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच दिल दगा दे रहा है। तापमान में गिरावट से हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसमें ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) के उतार चढ़ाव को नजरअंदाज करना लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। सर्दी में ब्लड प्रेशर के साथ मोटापा, तनाव और हाइपरटेंशन सहित अन्य कारणों से हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जीएमसी और सुपर स्पेशियलिटी जम्मू में रोजाना 10-12 हार्ट अटैक के मामले पहुंच रहे हैं।

विज्ञापन

 
असामान्य जीवनचर्या और शारीरिक गतिविधियां कम होने से अमूमन 40 की उम्र में होने वाले इस अटैक की शिकायत अब 25-30 साल के युवाओं में हो रही है। इसमें अधिकांश मामलों में पुरुष पीड़ित हैं। जीएमसी की इमरजेंसी में पहुंचने वाले अधिकांश मामले शहर से आ रहे हैं।
विज्ञापन


इसके अलावा डोडा, रामबन, राजोरी, पुंछ आदि जिलों से भी मामले पहुंच रहे हैं। इन पहाड़ी व दूरवर्ती इलाकों में कार्डियो विशेषज्ञ की कमी से अधिकतर मरीजों की राम भरोसे ही रहती है। उन्हें उचित उपचार के लिए जम्मू के अस्पतालों में आना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुपर स्पेशलिटी के कार्डियो यूनिट के एचओडी डा. सुशील शर्मा के अनुसार तापमान में गिरावट पर सर्दी में लोग शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं। ऐसे मौसम में खानपान पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। लेकिन यह हानिकारक होता है। पारा गिरने के कारण शरीर में सामान्य 120/80 एमएम एचजी ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है।

इसमें कई लोगों के शरीर में खून का प्रेशर लगातार ऊपर रहता है। जिससे हाइपरटेंशन की चपेट में आकर लोगों में हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। पुरुषों में हार्ट अटैक के लिए स्मोकिंग आदि जिम्मेदार हैं। महिलाओं में हार्ट अटैक के कम होने का कारण उनका नियमित माहवारी होना रहता है। लेकिन माहवारी रुकने पर ऐसी महिलाओं में मोटापा बढ़ने लगता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है।

बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें

लक्षण
1. शरीर में अचानक घबराहट आना।
2. सिर में तेज दर्द, नब्ज कमजोर होना।
3. अचानक सांस फूलने लगना।
4. तनाव से खून की सप्लाई में प्रेशर बढ़ना।

सामान्य बचाव
1. हृदय रोगी चढ़ाई या ज्यादा चलने से परहेज करें।
2. कोलेस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें।
3. तत्काल प्रभाव से तंबाकू के अलावा धूम्रपान छोड़ें।
4. फल सब्जियों का ज्यादा सेवन करें।
5. रोजाना आधा घंटा सैर, योग और कसरत करें।

बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें

1. ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अस्थमा के मरीज सर्दियों में विशेष सावधानी बरतें।
2. शरीर पर पर्याप्त कपड़े डालकर ही बाहर निकले।
3. नहाने के दौरान ठंडा पानी पहले पैरों पर डालें और बाद में शरीर के अन्य हिस्सों पर। इससे शरीर के तापमान में संतुलन बना रहेगा।
3. ठंडे पानी का सेवन न करें, गुनगुना पानी लें।
4. दुग्ध उत्पादकों का सेवन करने से परहेज करें।
5. डायबिटीज के मरीज खाली पेट न रहें, सुबह नाश्ते में फलों का सेवन करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed