कोहरे ने बढ़ाया संक्रमण, अस्पतालों में खांसी-जुकाम के मरीजों का तांता, जानिए कैसे बचें
जलकणों के साथ प्रदूषण फेफड़ों तक पहुंच रहा है। शारीरिक क्षमता से कमजोर होने से बच्चे ज्यादा चपेट में आ रहे हैं। रेस्पिरेटरी संक्रमण रोगों से बच्चों के साथ बड़े भी चपेट में आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर और आसपास के मैदान इलाके घने कोहरे की चपेट में हैं।
कोहरे से ठंड तो बढ़ी ही है, बीमारियों ने भी लोगों को जकड़ लिया है। अस्पतालों में सांस और चेस्ट इंफेक्शन के मामले अचानक बढ़ गए हैं। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल में जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
सर्द हवा के साथ दिन और रात के तापमान में सामान्य से ज्यादा गिरावट से बच्चों में हाईपोथर्मिया की समस्या रहती है। शरीर के भीतर एक तंत्र रहता है जो बाहर के मौसम के हिसाब से खुद ही शरीर के भीतर के तापमान को सही बनाए रखता है। लेकिन हाईपोथर्मिया में कमजोर बच्चे बाहर के तापमान को झेल नहीं पाते हैं, इससे भीतर का तापमान गड़बड़ा जाता है।
कोहरे से सांस और छाती संबंधी संक्रमित रोगों में इजाफा हुआ है। आगामी लंबे समय तक बारिश न होने पर दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। लोगों को खासकर बच्चों और बुजुर्गों को कोहरे के दौरान खास ख्याल रखना होगा।
- डॉ. राहुल गुप्ता, एचओडी सीडी अस्पताल जम्मू
बचाव
- बच्चों को ठंड में नंगे पांव न घूमने दें
- तापमान के हिसाब से पर्याप्त कपड़े पहने
- रात में दोपहिया वाहन पर ड्राइविंग से परहेज करें
- सर्द हवाओं में शरीर को पूरी तरह ढककर रखें