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Jammu News: स्वास्थ्य विभाग के दावों का डेंगू ले रहा टेस्ट
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- राजीव गांधी अस्पताल गंग्याल में टेस्टिंग सुविधा तो है, इंडोर भर्ती नहीं
- मरीजों को जीएमसी जम्मू या गांधीनगर अस्पताल में भेजा जा रहा
- 50 बेड के अस्पताल में दो फार्मासिस्ट, एक फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जिले में तेजी से बढ़ रहे डेंगू के डंक से निपटने के स्वास्थ्य विभाग बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। शहर के राजीव गांधी (लेप्रोसी) अस्पताल गंग्याल में डेंगू के टेस्ट तो किए जा रहे हैं, लेकिन मरीजों को भर्ती करने के लिए इंडोर सुविधा नहीं है। स्टाफ के अभाव में अस्पताल डे केयर सुविधा पर ही चल रहा है, जिससे गंभीर और डेंगू के मरीजों को गांधीनगर अस्पताल या जीएमसी जम्मू भेजा जा रहा है।
अस्पताल डिग्याना, कुंजवानी, गंग्याल सहित अन्य कई इलाकों की हजारों की आबादी को कवर करता है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। इस साल डेंगू के मामलों को देखते हुए जीएमसी जम्मू, एसएमजीएस, सरवाल और गांधीनगर अस्पताल के अलावा पहली बार राजीव गांधी अस्पताल में टेस्ट सुविधा शुरू की गई है। लेकिन अगर डेंगू का कोई गंभीर मामला आ जाता है तो इस अस्पताल में इंडोर भर्ती सुविधा न होने से मरीज को दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इस अस्पताल को जनरल बनाने के लिए फरवरी, 2014 में नींव पत्थर रखा गया था। जुलाई, 2021 में एलजी ने नई इमारत का लोकार्पण किया। इस 50 बिस्तर वाले अस्पताल को अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से स्टाफ अटैच करके चलाया जा रहा था। लेकिन अगस्त, 2022 में स्टाफ के डिटैच हो जाने से ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, डेंटल आदि सेक्शन प्रभावित हुए। अस्पताल में दस मेडिकल ऑफिसर सहित 42 पद सृजित हैं, लेकिन इनमें पैरामेडिकल स्टाफ में सिर्फ दो फार्मासिस्ट और एक फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर है। जिससे अस्पताल को 24 घंटे नहीं चलाया जा रहा है।
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चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाए सरकार
स्थानीय निवासी पूरण चंद वर्मा ने कहा कि जब सरकार नए स्वास्थ्य भवनों का निर्माण करती है तो स्टाफ को भी बढ़ाना चाहिए। राजीव गांधी अस्पताल में स्टाफ न होने से इंडोर भर्ती की सुविधा ही नहीं है। स्थानीय निवासी अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि लोगों को खासतौर पर रात के समय कोई स्वास्थ्य समस्या होने पर गांधीनगर या जीएमसी में जाना पड़ता है। डेंगू तेजी से फैल रहा है, जिससे राजीव गांधी अस्पताल में ही इंडोर भर्ती की सुविधा शुरू की जानी चाहिए। एक अन्य निवासी पवन सिंह चिब ने कहा कि ये सारी अव्यवस्थाएं कमजोर योजनाओं के कारण हैं और उच्चाधिकारी इन पर ध्यान नहीं दे रहे। सतीश वर्मा ने कहा कि राजीव गांधी अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने के लिए कई प्रावधान हो सकते हैं और स्वास्थ्य विभाग को इस पर सोचना चाहिए।
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राजीव गांधी अस्पताल में स्टाफ को बढ़ाने के लिए सरकार से नए पद मांगे गए हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को सभी चिकित्सा सुविधाएं देने के उचित प्रयास किए जा रहे हैं।
- डाॅ. राजीव शर्मा, स्वास्थ्य निदेशक
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प्रदेश में डेंगू के 19 नए
मामले, आठ जम्मू से ही
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वीरवार को डेंगू के 19 नए मामले सामने आए हैं। इनमें जिला जम्मू और सांबा से 8-8 मामले हैं, जबकि राजोरी से दो और एक कठुआ में डेंगू का मामला मिला है। अब तक 357 डेंगू के मामले मिल चुके हैं। इनमें जिला जम्मू से 251 हैं। अब तक चिनैनी की एक महिला की जीएमसी जम्मू में डेंगू से मौत हुई है। अस्पतालों में संदिग्ध बुखार के मरीजों का पहुंचना भी जारी है। शहर के प्रमुख जीएमसी, एसएमजीएस और गांधीनगर अस्पताल में डेंगू के कई मरीज भर्ती हैं। ब्यूरो
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- मरीजों को जीएमसी जम्मू या गांधीनगर अस्पताल में भेजा जा रहा
- 50 बेड के अस्पताल में दो फार्मासिस्ट, एक फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जिले में तेजी से बढ़ रहे डेंगू के डंक से निपटने के स्वास्थ्य विभाग बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। शहर के राजीव गांधी (लेप्रोसी) अस्पताल गंग्याल में डेंगू के टेस्ट तो किए जा रहे हैं, लेकिन मरीजों को भर्ती करने के लिए इंडोर सुविधा नहीं है। स्टाफ के अभाव में अस्पताल डे केयर सुविधा पर ही चल रहा है, जिससे गंभीर और डेंगू के मरीजों को गांधीनगर अस्पताल या जीएमसी जम्मू भेजा जा रहा है।
अस्पताल डिग्याना, कुंजवानी, गंग्याल सहित अन्य कई इलाकों की हजारों की आबादी को कवर करता है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। इस साल डेंगू के मामलों को देखते हुए जीएमसी जम्मू, एसएमजीएस, सरवाल और गांधीनगर अस्पताल के अलावा पहली बार राजीव गांधी अस्पताल में टेस्ट सुविधा शुरू की गई है। लेकिन अगर डेंगू का कोई गंभीर मामला आ जाता है तो इस अस्पताल में इंडोर भर्ती सुविधा न होने से मरीज को दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इस अस्पताल को जनरल बनाने के लिए फरवरी, 2014 में नींव पत्थर रखा गया था। जुलाई, 2021 में एलजी ने नई इमारत का लोकार्पण किया। इस 50 बिस्तर वाले अस्पताल को अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से स्टाफ अटैच करके चलाया जा रहा था। लेकिन अगस्त, 2022 में स्टाफ के डिटैच हो जाने से ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, डेंटल आदि सेक्शन प्रभावित हुए। अस्पताल में दस मेडिकल ऑफिसर सहित 42 पद सृजित हैं, लेकिन इनमें पैरामेडिकल स्टाफ में सिर्फ दो फार्मासिस्ट और एक फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर है। जिससे अस्पताल को 24 घंटे नहीं चलाया जा रहा है।
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चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाए सरकार
स्थानीय निवासी पूरण चंद वर्मा ने कहा कि जब सरकार नए स्वास्थ्य भवनों का निर्माण करती है तो स्टाफ को भी बढ़ाना चाहिए। राजीव गांधी अस्पताल में स्टाफ न होने से इंडोर भर्ती की सुविधा ही नहीं है। स्थानीय निवासी अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि लोगों को खासतौर पर रात के समय कोई स्वास्थ्य समस्या होने पर गांधीनगर या जीएमसी में जाना पड़ता है। डेंगू तेजी से फैल रहा है, जिससे राजीव गांधी अस्पताल में ही इंडोर भर्ती की सुविधा शुरू की जानी चाहिए। एक अन्य निवासी पवन सिंह चिब ने कहा कि ये सारी अव्यवस्थाएं कमजोर योजनाओं के कारण हैं और उच्चाधिकारी इन पर ध्यान नहीं दे रहे। सतीश वर्मा ने कहा कि राजीव गांधी अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने के लिए कई प्रावधान हो सकते हैं और स्वास्थ्य विभाग को इस पर सोचना चाहिए।
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राजीव गांधी अस्पताल में स्टाफ को बढ़ाने के लिए सरकार से नए पद मांगे गए हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को सभी चिकित्सा सुविधाएं देने के उचित प्रयास किए जा रहे हैं।
- डाॅ. राजीव शर्मा, स्वास्थ्य निदेशक
प्रदेश में डेंगू के 19 नए
मामले, आठ जम्मू से ही
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वीरवार को डेंगू के 19 नए मामले सामने आए हैं। इनमें जिला जम्मू और सांबा से 8-8 मामले हैं, जबकि राजोरी से दो और एक कठुआ में डेंगू का मामला मिला है। अब तक 357 डेंगू के मामले मिल चुके हैं। इनमें जिला जम्मू से 251 हैं। अब तक चिनैनी की एक महिला की जीएमसी जम्मू में डेंगू से मौत हुई है। अस्पतालों में संदिग्ध बुखार के मरीजों का पहुंचना भी जारी है। शहर के प्रमुख जीएमसी, एसएमजीएस और गांधीनगर अस्पताल में डेंगू के कई मरीज भर्ती हैं। ब्यूरो