{"_id":"64fa497182a70f2b6d082484","slug":"health-news-jammu-news-c-10-jmu1037-197658-2023-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: एमसीएच में आउट बोर्न सिक नियोनेटल वार्ड बनाने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: एमसीएच में आउट बोर्न सिक नियोनेटल वार्ड बनाने की तैयारी
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। एमसीएच (जच्चा बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में आउट बोर्न सिक नियोनेटल वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सितंबर से व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (निको) में बिस्तरों की क्षमता सौ प्रतिशत बढ़ाकर 150 तक हो जाएगी। इसमें स्थानीय के साथ-साथ संभाग स्तर के नवजात बाल रोगियों को उचित उपचार मिलेगा। मौजूदा वार्ड में 70 बिस्तर है, जिसकी क्षमता बढ़ने से शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में बाल रोगियों का दबाव कम होगा।
निको यूनिट में एक किलो से कम वजन वाले बच्चों को उपचार दिया जाता है। कई दिन मशीनों में रखकर देखभाल की जाती है। मौजूदा समय में चौथे फ्लोर पर निको-ए वार्ड में 13, बी में 13, पारिवारिक केंद्रित केयर यूनिट में 8 और बाकी सामान्य बिस्तरों पर बाल रोगियों को उपचार दिया जा रहा है। रोगियों की संख्या बढ़ने से निको वार्ड लगभग फुल हो रहा है। इसके चलते क्षमता बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई।
अब तक संभाग स्तर से अधिकांश नवजात बाल रोगियों को एसएमजीएस अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। यहां 93 निको बिस्तर है, लेकिन 140 प्रतिशत के हिसाब से 129 बच्चों को इलाज दिया जा रहा है, यानी स्थिति खराब है। निको वार्ड के विस्तार में एमसीएच के तीसरे फ्लोर पर अतिरिक्त 70 से 80 बिस्तरों को स्थापित कर लिया है। इसमें बाल रोगियों को स्पेशियलिटी उपचार का प्रावधान होगा। मार्च 2022 में निको वार्ड शुरू किया था। नई व्यवस्था में डॉक्टरों के मोबाइल ग्रुप में रेफर होने वाले बच्चे की पहले ही एमसीएच प्रबंधन को जानकारी दी जाएगी, ताकि उचित तैयारी हो सके।
विज्ञापन
निको चिकित्सा प्रबंधन मजबूत होगा
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है - एमसीएच में निको वार्ड का विस्तार किया जा रहा है। इससे बाल रोगियों को राहत मिलेगी। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा का कहना है-निको वार्ड के विस्तार को विशेष प्रशिक्षित स्टाफ के लिए प्रबंधन को लिखा है। उम्मीद है कि वार्ड को सितंबर में ही शुरू कर दिया जाए।
विज्ञापन
जम्मू। एमसीएच (जच्चा बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में आउट बोर्न सिक नियोनेटल वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सितंबर से व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (निको) में बिस्तरों की क्षमता सौ प्रतिशत बढ़ाकर 150 तक हो जाएगी। इसमें स्थानीय के साथ-साथ संभाग स्तर के नवजात बाल रोगियों को उचित उपचार मिलेगा। मौजूदा वार्ड में 70 बिस्तर है, जिसकी क्षमता बढ़ने से शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में बाल रोगियों का दबाव कम होगा।
निको यूनिट में एक किलो से कम वजन वाले बच्चों को उपचार दिया जाता है। कई दिन मशीनों में रखकर देखभाल की जाती है। मौजूदा समय में चौथे फ्लोर पर निको-ए वार्ड में 13, बी में 13, पारिवारिक केंद्रित केयर यूनिट में 8 और बाकी सामान्य बिस्तरों पर बाल रोगियों को उपचार दिया जा रहा है। रोगियों की संख्या बढ़ने से निको वार्ड लगभग फुल हो रहा है। इसके चलते क्षमता बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई।
विज्ञापन
अब तक संभाग स्तर से अधिकांश नवजात बाल रोगियों को एसएमजीएस अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। यहां 93 निको बिस्तर है, लेकिन 140 प्रतिशत के हिसाब से 129 बच्चों को इलाज दिया जा रहा है, यानी स्थिति खराब है। निको वार्ड के विस्तार में एमसीएच के तीसरे फ्लोर पर अतिरिक्त 70 से 80 बिस्तरों को स्थापित कर लिया है। इसमें बाल रोगियों को स्पेशियलिटी उपचार का प्रावधान होगा। मार्च 2022 में निको वार्ड शुरू किया था। नई व्यवस्था में डॉक्टरों के मोबाइल ग्रुप में रेफर होने वाले बच्चे की पहले ही एमसीएच प्रबंधन को जानकारी दी जाएगी, ताकि उचित तैयारी हो सके।
विज्ञापन
निको चिकित्सा प्रबंधन मजबूत होगा
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है - एमसीएच में निको वार्ड का विस्तार किया जा रहा है। इससे बाल रोगियों को राहत मिलेगी। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा का कहना है-निको वार्ड के विस्तार को विशेष प्रशिक्षित स्टाफ के लिए प्रबंधन को लिखा है। उम्मीद है कि वार्ड को सितंबर में ही शुरू कर दिया जाए।