{"_id":"6008907e8ebc3e340e659cf4","slug":"health-jammu-news-jammu-city-news-jmu2273924122","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला और एसोसिएटेड 37 अस्पतालों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला और एसोसिएटेड 37 अस्पतालों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट
विज्ञापन
जम्मू। कोरोना ने बीते 10 माह मानव जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया, लेकिन इस महामारी ने कई चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार भी किया है। इस कड़ी में जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। सरकारी अस्पतालों में युद्धस्तर पर बुनियादी सुविधाओं को विकसित किया गया। ये सुविधाएं शुरू होने से अब अगले कई वर्षों तक मरीजों को छोटे-बड़े इलाज के लिए शहरी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इस साल प्रमुख रूप से जिला और एसोसिएटेड 37 अस्पतालों में नए जेनरेशन ऑक्सीजन प्लांट काम करना शुरू कर देंगे।
इन पर विश्व बैंक प्रोजेक्ट के तहत 238 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा 30 सामुदायिक चिकित्सा केंद्र (सीएचसी) में 60 करोड़ रुपये की लागत से मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, यानी आगामी समय में सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होगी।
------
जीएमसी जम्मू में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट
के साथ बढ़ाई गई है वेंटिलेटर सुविधा
जम्मू-कश्मीर में जीएमसी जम्मू में अपनी तरह का पहला लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया गया है। प्रदेश की विभिन्न सरकारी लेबोरेटरी में प्रतिदिन 25-30 हजार कोविड टेस्ट करने की क्षमता है। जीएमसी जम्मू में ही 200 बेड आइसोलेशन बेड स्थापित कर दिए गए हैं, जिनमें अधिकतर के साथ ऑक्सीजन सप्लाई दी गई है। जनवरी 2020 में जीएमसी में मात्र 30 वेंटिलेटर चल रहे थे, जिनकी वर्तमान में संख्या 127 की गई है।
विज्ञापन
--------
लेबोरेटरी सेवाओं में भी किया गया विस्तार
जिला और उपजिला स्तर के अस्पतालों में 110 करोड़ रुपये की लागत से ऑपरेशन थियेटरों का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ 81 करोड़ रुपये की लागत से लेबोरेटरी सेवाओं को भी विकसित किया जा रहा है। पहली बार सरकारी अस्पतालों में पावर बैकअप सिस्टम को मजबूत बनाया गया है। इस पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर में 60 नई क्रिटिकल केयर एंबुलेंस भी खरीदी जा रही हैं।
---------
आगामी समय में सरकारी स्तर पर मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इसके लिए सभी उचित कदम उठाए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
अटल डुल्लू, वित्तीय आयुक्त, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग
विज्ञापन
इन पर विश्व बैंक प्रोजेक्ट के तहत 238 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा 30 सामुदायिक चिकित्सा केंद्र (सीएचसी) में 60 करोड़ रुपये की लागत से मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, यानी आगामी समय में सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होगी।
विज्ञापन
------
जीएमसी जम्मू में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट
के साथ बढ़ाई गई है वेंटिलेटर सुविधा
जम्मू-कश्मीर में जीएमसी जम्मू में अपनी तरह का पहला लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया गया है। प्रदेश की विभिन्न सरकारी लेबोरेटरी में प्रतिदिन 25-30 हजार कोविड टेस्ट करने की क्षमता है। जीएमसी जम्मू में ही 200 बेड आइसोलेशन बेड स्थापित कर दिए गए हैं, जिनमें अधिकतर के साथ ऑक्सीजन सप्लाई दी गई है। जनवरी 2020 में जीएमसी में मात्र 30 वेंटिलेटर चल रहे थे, जिनकी वर्तमान में संख्या 127 की गई है।
विज्ञापन
--------
लेबोरेटरी सेवाओं में भी किया गया विस्तार
जिला और उपजिला स्तर के अस्पतालों में 110 करोड़ रुपये की लागत से ऑपरेशन थियेटरों का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ 81 करोड़ रुपये की लागत से लेबोरेटरी सेवाओं को भी विकसित किया जा रहा है। पहली बार सरकारी अस्पतालों में पावर बैकअप सिस्टम को मजबूत बनाया गया है। इस पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर में 60 नई क्रिटिकल केयर एंबुलेंस भी खरीदी जा रही हैं।
---------
आगामी समय में सरकारी स्तर पर मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इसके लिए सभी उचित कदम उठाए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
अटल डुल्लू, वित्तीय आयुक्त, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग