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कोरोना निगेटिव होने के बाद भी न बरतें लापरवाही
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जम्मू। कोरोना वायरस इतना खतरनाक है कि इसकी रिकवरी होने के बाद भी शरीर पर इसका गहरा और लंबे समय तक असर रहता है। कोविड विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना संक्रमण ने पीड़ितों को कितना प्रभावित किया है, यह उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता पर निर्भर करता है। रिकवर होने के बाद भी कई मामलों में ठीक हुए व्यक्ति के महत्वपूर्ण अंगों पर संक्रमण के कारण कमजोरी आ जाती है।
इस वायरस से रिकवर हुए मरीज पूरी तरह से सेहतमंद नहीं होते हैं बल्कि पोस्ट कोविड कांप्लीकेशन के कारण उनमें निरंतर इसके लक्षण नजर आते हैं। इस वायरस से निगेटिव होना काफी नहीं है, बल्कि आगे की जंग जीतना भी जरूरी है। कोविड से संक्रमित हुए बड़ी संख्या में मरीज रिकवर होने के बाद पोस्ट कांप्लीकेशन बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। कोविड विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी परिस्थितियां भी पीड़ितों के लिए घातक होती हैं।
जीएमसी के माइक्रो बायोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि रिकवर हुए मरीजों में कई समस्याएं देखी जा रही हैं। मसलन उनके शरीर में नियमित थकावट रहना, सांस लेने में दिक्कत होना, हृदय बीमारियों का दोबारा पनपना, आंतड़ियों और पेट संबंधी समस्याएं, तनाव, उलझन में रहना आदि लक्षण रहते हैं। यह रिकवर होने के एक माह बाद हो सकते हैं। कई मरीजों में यह लक्षण छह, नौ माह और एक साल तक रह सकते हैं। 90 फीसदी रिकवर हुए लोग खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ मानकर तेजी से अपनी दिनचर्या को बहाल करने में लग जाते हैं जो गलत है। ये गैर जिम्मेदाराना व्यवहार उनकी सेहत को दोबारा बिगाड़ सकता है।
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वैक्सीन लेने के बाद भी करें एसओपी का पालन
जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन ली है, उनके लिए भी एसओपी का पालन करना उतना ही जरूरी है, जितना वैक्सीन न लेने वाले कर रहे हैं। वैक्सीन लेने के बाद भी दोबारा संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं, लेकिन वैक्सीन लेने पर यह संक्रमण कम प्रहार करता है। पोस्ट कोविड कांप्लीकेशन के लक्षणों को अधिकांश लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। कोविड वायरस से संक्रमित होने पर हमारे शरीर में महत्वपूर्ण अंग कमजोर हो जाते हैं। इसमें शारीरिक रूप से पहले से कमजोर रहने वाले लोगों को अधिक शारीरिक नुकसान होता है, जिससे कई तरह के बैक्टीरिया, वायरस उनके शरीर पर रिकवर होने के बाद दोबारा हमला कर देते हैं।
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ऐसे करें बचाव
- रिकवर होने के बाद धीरे-धीरे अपनी जीवनशैली में वापस आएं
-घर और कार्यालय के कामकाज को धीरे-धीरे बढ़ाएं
-शारीरिक ताकत को बढ़ाने के लिए सभी जरूरी उपाय करें
-समय पर भोजन लें, शारीरिक रूप से फिट रहें और पर्याप्त नींद लें
-रिकवर होने के बाद गृहणियां भी घर में घरेलू काम को धीरे-धीरे बढ़ाएं
-सार्वजनिक स्थानों पर जाने से परहेज करें
-मास्क, हैंड सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का गंभीरता से पालन करें
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इस वायरस से रिकवर हुए मरीज पूरी तरह से सेहतमंद नहीं होते हैं बल्कि पोस्ट कोविड कांप्लीकेशन के कारण उनमें निरंतर इसके लक्षण नजर आते हैं। इस वायरस से निगेटिव होना काफी नहीं है, बल्कि आगे की जंग जीतना भी जरूरी है। कोविड से संक्रमित हुए बड़ी संख्या में मरीज रिकवर होने के बाद पोस्ट कांप्लीकेशन बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। कोविड विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी परिस्थितियां भी पीड़ितों के लिए घातक होती हैं।
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जीएमसी के माइक्रो बायोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि रिकवर हुए मरीजों में कई समस्याएं देखी जा रही हैं। मसलन उनके शरीर में नियमित थकावट रहना, सांस लेने में दिक्कत होना, हृदय बीमारियों का दोबारा पनपना, आंतड़ियों और पेट संबंधी समस्याएं, तनाव, उलझन में रहना आदि लक्षण रहते हैं। यह रिकवर होने के एक माह बाद हो सकते हैं। कई मरीजों में यह लक्षण छह, नौ माह और एक साल तक रह सकते हैं। 90 फीसदी रिकवर हुए लोग खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ मानकर तेजी से अपनी दिनचर्या को बहाल करने में लग जाते हैं जो गलत है। ये गैर जिम्मेदाराना व्यवहार उनकी सेहत को दोबारा बिगाड़ सकता है।
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वैक्सीन लेने के बाद भी करें एसओपी का पालन
जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन ली है, उनके लिए भी एसओपी का पालन करना उतना ही जरूरी है, जितना वैक्सीन न लेने वाले कर रहे हैं। वैक्सीन लेने के बाद भी दोबारा संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं, लेकिन वैक्सीन लेने पर यह संक्रमण कम प्रहार करता है। पोस्ट कोविड कांप्लीकेशन के लक्षणों को अधिकांश लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। कोविड वायरस से संक्रमित होने पर हमारे शरीर में महत्वपूर्ण अंग कमजोर हो जाते हैं। इसमें शारीरिक रूप से पहले से कमजोर रहने वाले लोगों को अधिक शारीरिक नुकसान होता है, जिससे कई तरह के बैक्टीरिया, वायरस उनके शरीर पर रिकवर होने के बाद दोबारा हमला कर देते हैं।
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ऐसे करें बचाव
- रिकवर होने के बाद धीरे-धीरे अपनी जीवनशैली में वापस आएं
-घर और कार्यालय के कामकाज को धीरे-धीरे बढ़ाएं
-शारीरिक ताकत को बढ़ाने के लिए सभी जरूरी उपाय करें
-समय पर भोजन लें, शारीरिक रूप से फिट रहें और पर्याप्त नींद लें
-रिकवर होने के बाद गृहणियां भी घर में घरेलू काम को धीरे-धीरे बढ़ाएं
-सार्वजनिक स्थानों पर जाने से परहेज करें
-मास्क, हैंड सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का गंभीरता से पालन करें