POK शिविरों तक पहुंचा पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद
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एक ओर जहां जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ के बाद सेना के जवान राहत कार्यों में लगे हुए हैं, वहीं भारत-पाकिस्तान सीमा, लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर आतंकियों की घुसपैठ का खतरा बना हुआ है।
आतंकी घुसपैठ की आशंका के चलते सेना के जवानों को दोहरा मोर्चा संभालना पड़ रहा है। बाढ़ पीड़ित पीओके के राहत शिविरों में आतंकी हाफिज सईद और उसके समर्थकों की सक्रियता देखी गई है।
हालांकि, सैन्य अधिकारियों का दावा है कि एलओसी पर सेना के जवान उस पार से होने वाली किसी भी नापाक हरकत से निपटने में सक्षम हैं।
बाढ़ में ध्वस्त हुई पांच किलोमीटर की फेंसिंग
कश्मीर से लेकर अखनूर के परगवाल सेक्टर तक एलओसी पर कई स्थानों में बाढ़ से फेंसिंग ध्वस्त हो चुकी है। व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) के जीओसी केएच सिंह के अनुसार एलओसी पर कुछ स्थानों पर बाढ़ से फेंसिंग को नुकसान पहुंचा है।
लेकिन, यह कुल मिलाकर 4-5 किलोमीटर से ज्यादा नहीं है। पाकिस्तान की ओर भी बाढ़ का पानी है। पर इसके बावजूद घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर जवान तैयार हैं।
जीओसी ने बताया कि कुछ अग्रिम चौकियों को बाढ़ से नुकसान हुआ है लेकिन सेना ने उन चौकियों पर फिर से पकड़ बना ली है। पाक क्षेत्र में भी 5-6 अग्रिम चौकियों को बाढ़ से नुकसान हुआ है।
आतंकियों का हौसला बढ़ाने आया था हाफिज सईद
एलओसी के उस पार पाकिस्तान क्षेत्र में बाढ़ पीड़ित इलाकों में चल रहे राहत शिविरों में आतंकी हाफिज सईद और उसके समर्थकों की सक्रियता देखी गई है।
आशंका जताई जा रही है कि लांचिंग पैड पर घुसपैठ के इंतजार में बैठे आतंकियों को हाफिज प्रोत्साहित करने की कोशिश में है, ताकि बर्फ पड़ने से पहले आतंकियों की जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करवाई जा सके।
लेकिन, सेना कंप्यूटर सर्विलांस सिस्टम के मार्फत एलओसी पर पैनी नजर रखे हुए है। एलओसी पर टूटी फेंसिंग के आसपास सेना ने अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया गया है, ताकि घुसपैठ को नाकाम किया जा सके।