गुलमर्ग, लेह-कारगिल में पारा शून्य से नीचे
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रियासत में दूसरे दिन वीरवार को भी पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाके शीत लहर की चपेट में हैं।
अधिकांश जगह दिन और रात का पारा लुढ़क गया है। गुलमर्ग, लेह और कारगिल में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे को पस्सियां हटाने के बाद वीरवार सुबह सात बजे से खोल दिया गया।
लेकिन, वैकल्पिक हाईवे मुगल रोड दूसरे दिन भी बंद रहा। यहां 3-4 फीट तक बर्फ गिरी है। वैष्णो देवी में बारिश से कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा वीरवार को भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश होगी लेकिन, सात नवंबर से राहत मिलेगी।
कश्मीर में शोपियां के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों के अलावा सोनामर्ग, अमरनाथ गुफा, साधना टाप, पहलगाम, गुलमर्ग, राजदान पास में वीरवार को भी बर्फबारी हुई। जिला राजोरी के पीर पंजाल रेंज के बुद्धल, थन्नामंडी, दरहाल, कोटरंका, मंजाकोट आदि पर्वतीय क्षेत्रों में भी बर्फबारी हो रही है।
बारिश से बढ़ी मुश्किलें
रामबन-बनिहाल के बीच बुधवार शाम को हाईवे पर कई जगह पत्थर गिर आए थे। दो बड़े वाहन भी खराब हो गए थे। इन्हें सुबह सात बजे क्लीयर करके जम्मू-श्रीनगर हाईवे खोल दिया गया। जम्मू में दिनभर रुक रुककर बारिश होने से तापमान गिर गया है।
गुलमर्ग में आठ इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। थन्नामंडी स्थित डेरा की गली, पुंछ के पोशना, चंडीमड़ से लेकर पीर की गली शोपियां तक लगातार बर्फबारी हो रही है।
चंडीमड़ स्थित पनाड़ा पुल तक वाहनों की आवाजाही है, लेकिन, उसके आगे अधिक बर्फबारी के चलते यातायात रोक दिया गया है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य से आठ डिग्री कम था। राजोरी और पुंछ के उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी तथा कठुआ जिले के पहाड़ी इलाके में बारिश से बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई जगह सप्लाई ठप है।