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Jammu News: जम्मू-कश्मीर के जीएसटी कलेक्शन में आई वित्त वर्ष की सबसे बड़ी गिरावट
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- अक्तूबर में हुआ 551 करोड़ का संग्रह, पिछले साल से नौ फीसदी कम
- पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और बाढ़ से सालभर प्रभावित रहा जीएसटी कलेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। यह साल जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए लगातार चुनौती भरा साबित हो रहा है। पहले पहलगाम हमला, फिर ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद अगस्त में बादल फटने से लेकर भीषण बाढ़ तक ने कारोबार और अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाया। उसी का असर अब प्रदेश के जीएसटी कलेक्शन में भी साफ दिख रहा है। अक्तूबर में प्रदेश में सिर्फ 551 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब नौ फीसद कम है। इस वित्त वर्ष में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।
जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अक्तूबर में प्रदेश में 608 करोड़ का कलेक्शन हुआ था। इस साल सितंबर में जहां 17 फीसदी के साथ वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई थी वहीं अक्तूबर का आंकड़ा फिर नीचे चला गया। पड़ोसी राज्यों की तुलना करें तो पंजाब में चार फीसद, गुजरात और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में छह से दस फीसद तक इजाफा हुआ। ऐसे में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन चिंताजनक माना जा रहा है।
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पर्यटन और कारोबार हुआ कम, तो पड़ी कर वसूली पर चोट
आईआईएम जम्मू की प्रोफेसर सुफ्ला गुप्ता का कहना है कि पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रदेश में सैलानियों की संख्या काफी घटी। पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जब होटल, यात्रा कारोबार और बाजार में चहल पहल नहीं होगी तो जीएसटी में गिरावट आना स्वभाविक है। उसके बाद अर्थ्यव्यवस्था पटरी पर आई थी कि अगस्त में फिर बाढ़ आ गई। अप्रैल से अब तक जो हालात बने रहे उसी का असर कलेक्शन में देखने को मिल रहा है।
जम्मू विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री फालेंद्र सूदन ने बताया कि जीएसटी का असर आम तौर पर तीसरे महीने में सामने आता है। अगस्त के अंत और सितंबर में आई बाढ़ की वजह से जो नुकसान हुआ, वह अब कर वसूली के आंकड़ों में नजर आ रहा है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जीएसटी की दरें कम होने और त्यौहारी सीजन की वजह से बाजारों में फिर रौनक लौटी है। इसका सकारात्मक असर आने वाले एक दो महीने में देखने को मिल सकता है।
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चालू वित्त वर्ष में प्रदेश का जीएसटी कलेक्शन
महीना जीएसटी कलेक्शन (करोड़ों में) सालाना वृद्धि (%)
अप्रैल 880 12
मई 578 10
जून 566 2
जुलाई 599 -5
अगस्त 582 2
सितंबर 699 17
अक्तूबर 551 -9
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- पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और बाढ़ से सालभर प्रभावित रहा जीएसटी कलेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। यह साल जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए लगातार चुनौती भरा साबित हो रहा है। पहले पहलगाम हमला, फिर ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद अगस्त में बादल फटने से लेकर भीषण बाढ़ तक ने कारोबार और अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाया। उसी का असर अब प्रदेश के जीएसटी कलेक्शन में भी साफ दिख रहा है। अक्तूबर में प्रदेश में सिर्फ 551 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब नौ फीसद कम है। इस वित्त वर्ष में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।
जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अक्तूबर में प्रदेश में 608 करोड़ का कलेक्शन हुआ था। इस साल सितंबर में जहां 17 फीसदी के साथ वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई थी वहीं अक्तूबर का आंकड़ा फिर नीचे चला गया। पड़ोसी राज्यों की तुलना करें तो पंजाब में चार फीसद, गुजरात और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में छह से दस फीसद तक इजाफा हुआ। ऐसे में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन चिंताजनक माना जा रहा है।
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पर्यटन और कारोबार हुआ कम, तो पड़ी कर वसूली पर चोट
आईआईएम जम्मू की प्रोफेसर सुफ्ला गुप्ता का कहना है कि पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रदेश में सैलानियों की संख्या काफी घटी। पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जब होटल, यात्रा कारोबार और बाजार में चहल पहल नहीं होगी तो जीएसटी में गिरावट आना स्वभाविक है। उसके बाद अर्थ्यव्यवस्था पटरी पर आई थी कि अगस्त में फिर बाढ़ आ गई। अप्रैल से अब तक जो हालात बने रहे उसी का असर कलेक्शन में देखने को मिल रहा है।
जम्मू विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री फालेंद्र सूदन ने बताया कि जीएसटी का असर आम तौर पर तीसरे महीने में सामने आता है। अगस्त के अंत और सितंबर में आई बाढ़ की वजह से जो नुकसान हुआ, वह अब कर वसूली के आंकड़ों में नजर आ रहा है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जीएसटी की दरें कम होने और त्यौहारी सीजन की वजह से बाजारों में फिर रौनक लौटी है। इसका सकारात्मक असर आने वाले एक दो महीने में देखने को मिल सकता है।
चालू वित्त वर्ष में प्रदेश का जीएसटी कलेक्शन
महीना जीएसटी कलेक्शन (करोड़ों में) सालाना वृद्धि (%)
अप्रैल 880 12
मई 578 10
जून 566 2
जुलाई 599 -5
अगस्त 582 2
सितंबर 699 17
अक्तूबर 551 -9