अखनूर हमले को लेकर हुआ ये बड़ा खुलासा
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जम्मू कश्मीर के ज्यौड़ियां में ग्रेफ इकाई पर हुआ आतंकी हमला उड़ी की तर्ज पर था। आतंकियों ने इस हमले में भी ठीक उसी तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसे उड़ी हमले में किया। आतंकियों ने ग्रेनेड फेंकने के साथ केमिकल का इस्तेमाल किया, ताकि अधिक जानी नुकसान कर सकें।
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के पास जानकारी थी कि यह सेना का कैंप है। जहां पर 30 से अधिक सैन्य जवान बैरकों में सोए हुए हैं। इस जानकारी पर चार आतंकी आए और ग्रेनेड फेंक कर चले गए। उड़ी हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे।
तब भी आतंकियों ने यही तकनीक इस्तेमाल की थी। केमिकल से आग इतनी फैलती गई कि टेंटों को आसानी से चपेट में ले लिया। इससे कई जवान जिंदा ही जल गए। यहां भी आतंकी जवानों को जिंदा जलाने के लिए आए थे।
आतंकियों ने हमले में 20 ग्रेनेड फेंके
आतंकियों ने हमले में 20 ग्रेनेड फेंके। इसमें तीन ग्रेफ के कर्मचारियों की मौत हो गई। तभी एकदम से बिजली बंद हो गई। इससे बैरकों में मौजूद अन्य कर्मियों और अधिकारियों की जान बच गई।
आतंकी अंधेरे में देख नहीं पाए कि कहां पर सब सोए हैं। सूत्रों का कहना है कि उस समय बैरकों में अधिकारी भी मौजूद थे। जो हमला होने के बाद जंगल की तरफ भाग गए और अपनी जान बचाई।
कहां गए हमला करने वाले आतंकी?