{"_id":"e483be3a926fb5deb7990b3ca23b9632","slug":"gps-system-stuck-on-tender-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू सरकार का जीपीएस सिस्टम टेंडर पर अटका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू सरकार का जीपीएस सिस्टम टेंडर पर अटका
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 06 Dec 2015 09:37 PM IST
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वाहनों में ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने की प्रक्रिया दम तोड़ती नजर आ रही है। परिवहन विभाग को अभी तक इसके लिए टेंडर करने वाले ही नहीं मिल रहे। पिछले पांच महीनों से इसकी कवायद चल रही है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही। ऐसे में शहर में ओवरलोडिंग, यात्री वाहनों की मनमानी और बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगता नहीं दिख रहा।
पांच महीने पहले परिवहन विभाग ने निर्णय लिया था कि सभी यात्री वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। खासतौर पर शहर में चलने वाली मिनी बसों पर नजर रखने के लिए इनको लगाया जाना है। परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली का कहना है कि इसके टेंडर में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। जल्द ही इस दिशा में काम किया जाएगा।
क्या होगा लाभ
हर रोज रियासत में 15 से 20 लोगों की मौत सड़क हादसों में रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह तेज गति और ओवरलोडिंग है। इस सिस्टम के वाहन में लगने से वाहनों की गति पता चल जाएगी और ओवरलोडिंग का पता भी चलेगा।
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यंत्र में एक सिम रहेगा, जो चालक के नाम पर होगा। इसके लिए बनाए जाने वाले कंट्रोल रूम में बैठे लोग चालक को फोन कर बोल सकते हैं कि वाहन धीमा चलाएं और ओवरलोडिंग न करें। बात न मानने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी।
रियासत में यात्री वाहनों की संख्या
इस समय जम्मू संभाग में 6037 बसें, 8604 मिनी बसें, 7015 टैक्सी, 17069 आटो रिक्शा और कश्मीर में 3972 बसें, 6249 मिनी बसें, 14780 टैक्सी और 20 हजार आटो रिक्शा चलते हैं।
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पांच महीने पहले परिवहन विभाग ने निर्णय लिया था कि सभी यात्री वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। खासतौर पर शहर में चलने वाली मिनी बसों पर नजर रखने के लिए इनको लगाया जाना है। परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली का कहना है कि इसके टेंडर में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। जल्द ही इस दिशा में काम किया जाएगा।
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क्या होगा लाभ
हर रोज रियासत में 15 से 20 लोगों की मौत सड़क हादसों में रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह तेज गति और ओवरलोडिंग है। इस सिस्टम के वाहन में लगने से वाहनों की गति पता चल जाएगी और ओवरलोडिंग का पता भी चलेगा।
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यंत्र में एक सिम रहेगा, जो चालक के नाम पर होगा। इसके लिए बनाए जाने वाले कंट्रोल रूम में बैठे लोग चालक को फोन कर बोल सकते हैं कि वाहन धीमा चलाएं और ओवरलोडिंग न करें। बात न मानने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी।
रियासत में यात्री वाहनों की संख्या
इस समय जम्मू संभाग में 6037 बसें, 8604 मिनी बसें, 7015 टैक्सी, 17069 आटो रिक्शा और कश्मीर में 3972 बसें, 6249 मिनी बसें, 14780 टैक्सी और 20 हजार आटो रिक्शा चलते हैं।