{"_id":"58639fea4f1c1b5b26eec59c","slug":"govt-to-surveillance-drugs-by-drones","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब नशे की खेती पर सरकार ड्रोन से रखेगी नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब नशे की खेती पर सरकार ड्रोन से रखेगी नजर
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 28 Dec 2016 05:14 PM IST
विज्ञापन
ड्रोन से रखी जाएगी नजर
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर में अफीम और भुक्की की पैदावार पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। साथ ही नशे की खेती के भौतिक लक्षणों पर नजर रखने के लिए इंफ्रारेड स्पेक्टोमीटर का इस्तेमाल किया जाएगा। सेटेलाइट का भी इस्तेमाल करने की तैयारी है, ताकि राज्य की ड्रग कंट्रोल आर्गेनाइजेशन को मजबूत किया जाए।
विज्ञापन
इसकी जानकारी राज्य मुख्य सचिव बीआर शर्मा द्वारा मंगलवार को स्टेट लेबल अपेक्स कमेटी की ली गई बैठक में दी गई। यह कमेटी राज्य में नशा तस्करी रोकने और अफीम की खेती को लेकर बनाई गई है। बैठक में तस्करी पर सख्ती से निपटने को लेकर काफी देर तक बातचीत हुई। खेती करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि भांग और भुक्की की पैदावार को अपने-अपने जिले में नष्ट करने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करें। इसके लिए राजस्व विभाग के पूरे रिकार्ड को देखकर काम करें।
विज्ञापन
कश्मीर में पुनर्वास एवं काउंसलिंग सेंटर स्थापित करने के आदेश
महबूबा मुफ्ती सरकार का फैसला
- फोटो : File Photo
अवैध रूप से नशे की खेती को नष्ट करने के लिए चौकीदारों और नंबरदारों की मदद लेने के लिए भी कहा गया है। नार्थ, साउथ और सेंट्रल कश्मीर में पुनर्वास एवं काउंसलिंग सेंटर जल्द स्थापित करने के लिए भी मंडलायुक्त कश्मीर को आदेश दिए गए।
लोगों में नशे के प्रति अधिक जागरूकता लाने पर भी बल दिया गया है। कमेटी ने यह भी जरूरत महसूस की कि सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, मीडिया, आबकारी और कृषि विभाग को शामिल कर नशे की अवैध खेती को रोका जा सकता है।
लोगों में नशे के प्रति अधिक जागरूकता लाने पर भी बल दिया गया है। कमेटी ने यह भी जरूरत महसूस की कि सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, मीडिया, आबकारी और कृषि विभाग को शामिल कर नशे की अवैध खेती को रोका जा सकता है।