विशेष वित्तीय पैकेज के लिए प्रस्ताव सौंपेंगे गवर्नर
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बाढ़ आपदा के बाद समस्याओं से निपटने के लिए केंद्र से मिलने वाले विशेष वित्तीय पैकेज के लिए राज्यपाल एनएन वोहरा ने तमाम विभागों के सचिवों को अलग-अलग प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। इससे पहले केंद्र को पैकेज के लिए संयुक्त प्रस्ताव भेजा गया था। अलग-अलग विभागों से मिलने वाले प्रस्ताव संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को भेजे जाएंगे। इसकी एक प्रति केन्द्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
ताकि केन्द्र इस पैकेज पर जल्द फैसला ले सके। राज्यपाल ने मंगलवार को बाढ़ और बार्डर फायरिंग से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत अभियान को लेकर सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में संबंधित निर्देश दिए।
छोटे कारोबारी तबके को फिर से पटरी पर लाने के लिए भी सहमति बनी थी। इसलिए केंद्रीय मंत्रालय को चाहिए कि इस विशेष वित्तीय पैकेज में दी जाने वाली राहत को आगे भी जारी रखा जाएगा।
केंद्र हर संभव मदद करेगा
पहले से ही 1102.56 करोड़ मंजूर हो चुके हैं, लेकिन अब हर एक क्षेत्र स्तर पर ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए अलग अलग प्रस्ताव बनाना आवश्यक है। इस पर गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने कहा कि केंद्र हर संभव मदद करेगा। यह भी बताया कि वर्ल्ड बैंक की टीम प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए आई है।
सीमांत इलाकों में सुरक्षित बांध, सड़कें और अन्य तरह के बंदोबस्त करने के लिए ली गई भूमि का अधिग्रहण करने के भी निर्देश जारी किए। राज्यपाल ने जम्मू के मंडलायुक्त को 31 मार्च तक भूमि अधिग्रहण करने का समय दिया है। वह भूमि अधिग्रहण के लिए जवाबदेह होंगे।
राज्य मुख्य सचिव ने बार्डर की स्थिति पर अपना ब्यौरा देते हुए भूमि अधिग्रहण के मामलों को जल्द सुलझाने की जरूरत बताई। यह भी निर्णय लिया गया है कि संयुक्त सचिव कश्मीर और संयुक्त सचिव बार्डर मैनेजमेंट हर महीने बाढ़ और बार्डर फायरिंग प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।