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कश्मीर के लिए जमात सबसे बड़ा खतरा, महबूबा की पार्टी भी इसी विचारधारा की: सत्यपाल मलिक
Fri, 01 Nov 2019 11:17 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 01 Nov 2019 11:17 PM IST
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि कश्मीर के लिए सबसे बड़ा खतरा जमात है। यह वहाबी सीख देने वाली खतरनाक संस्था है। इससे प्रभावित लोग कश्मीर में हर तरफ फैले हुए हैं। जमात के 20 प्रतिशत लोग सचिवालय में हैं, शिक्षक भी हैं। महबूबा मुफ्ती की पार्टी भी इसी जमात की विचारधारा वाली पार्टी है।
एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में अपने जम्मू-कश्मीर के सफर को बेहद अच्छा बताया। कहा कि उन्होंने कश्मीर पर कई किताबें पढ़ीं। दिल्ली में बैठे लोगों को सुनाए लेकिन जैसा कश्मीर उन्होंने पाया वह अलग है। यह कहते हुए उन्होंने कश्मीरियों की तारीफ की। यह पूछने पर कि महबूबा की पार्टी के जमात की विचारधारा संबंधी जानकारी के बावजूद भाजपा ने साथ मिलकर सरकार क्यों बनाई तो कहा कि उसे हम भुगत रहे हैं। मलिक ने कहा कि गोवा आराम की जगह मानी जाती है। जम्मू-कश्मीर में उन्होंने बहुत मेहनती की है। अब वहां जाकर थोड़ा आराम करूंगा, किताब लिखूंगा और पढ़ूंगा। ज्ञात हो कि उन्हें गोवा के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी दी गई है।
370 से नहीं, केंद्र शासित राज्य बनने से है थोड़ी नाराजगी
सत्यपाल मलिक ने कहा कि कश्मीर का युवा पढ़ना और आगे बढ़ना चाहता है। चंद लोग हैं जिन्होंने स्थिति खराब की है। कश्मीर के युवा बहुत प्रतिभाशाली हैं और लोग बहुत अच्छे हैं। उनकी नाराजगी वहां के नेताओं से है। लोग मानते हैं कि कश्मीर की बर्बादी के लिए नेता जिम्मेदार हैं। नेताओं ने बहुत भ्रष्टाचार किया है। जनता में अनुच्छेद 370 को लेकर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं है। थोड़ी नाराजगी केंद्र शासित राज्य होने से है, लेकिन यह स्थायी नहीं है।
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एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में अपने जम्मू-कश्मीर के सफर को बेहद अच्छा बताया। कहा कि उन्होंने कश्मीर पर कई किताबें पढ़ीं। दिल्ली में बैठे लोगों को सुनाए लेकिन जैसा कश्मीर उन्होंने पाया वह अलग है। यह कहते हुए उन्होंने कश्मीरियों की तारीफ की। यह पूछने पर कि महबूबा की पार्टी के जमात की विचारधारा संबंधी जानकारी के बावजूद भाजपा ने साथ मिलकर सरकार क्यों बनाई तो कहा कि उसे हम भुगत रहे हैं। मलिक ने कहा कि गोवा आराम की जगह मानी जाती है। जम्मू-कश्मीर में उन्होंने बहुत मेहनती की है। अब वहां जाकर थोड़ा आराम करूंगा, किताब लिखूंगा और पढ़ूंगा। ज्ञात हो कि उन्हें गोवा के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी दी गई है।
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370 से नहीं, केंद्र शासित राज्य बनने से है थोड़ी नाराजगी
सत्यपाल मलिक ने कहा कि कश्मीर का युवा पढ़ना और आगे बढ़ना चाहता है। चंद लोग हैं जिन्होंने स्थिति खराब की है। कश्मीर के युवा बहुत प्रतिभाशाली हैं और लोग बहुत अच्छे हैं। उनकी नाराजगी वहां के नेताओं से है। लोग मानते हैं कि कश्मीर की बर्बादी के लिए नेता जिम्मेदार हैं। नेताओं ने बहुत भ्रष्टाचार किया है। जनता में अनुच्छेद 370 को लेकर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं है। थोड़ी नाराजगी केंद्र शासित राज्य होने से है, लेकिन यह स्थायी नहीं है।
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राहुल क्या किसी के रिश्तेदार हैं जो सबसे मिलना था
यूरोपियन यूनियन सांसदों के कश्मीर दौरे को लेकर कहा कि हमें पता था कि कश्मीर को लेकर हम अपने पक्ष पर मजबूत हैं। इस प्रतिनिधिमंडल ने सब कुछ ठीक बताया। विपक्षी सांसदों को कश्मीर न आने देने के सवाल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की। कहा कि राहुल गांधी ने शर्त लगाई थी कि उन्हें सबसे मिलवाइए, प्रेस से मिलवाइए, जो जेल में हैं उनसे भी मिलवाइए। आप क्या किसी के रिश्तेदार हैं जो सबसे मिलना था। ये लोग वहां जाते और आकर झूठ बोलते। इसलिए कश्मीर जाने से रोका गया।
यूरोपियन यूनियन सांसदों के कश्मीर दौरे को लेकर कहा कि हमें पता था कि कश्मीर को लेकर हम अपने पक्ष पर मजबूत हैं। इस प्रतिनिधिमंडल ने सब कुछ ठीक बताया। विपक्षी सांसदों को कश्मीर न आने देने के सवाल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की। कहा कि राहुल गांधी ने शर्त लगाई थी कि उन्हें सबसे मिलवाइए, प्रेस से मिलवाइए, जो जेल में हैं उनसे भी मिलवाइए। आप क्या किसी के रिश्तेदार हैं जो सबसे मिलना था। ये लोग वहां जाते और आकर झूठ बोलते। इसलिए कश्मीर जाने से रोका गया।