मंत्रियों के समूह ने मोदी से जम्मू के लिए एम्स मांगा
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रियासत सरकार के मंत्रियों के एक समूह ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर जम्मू के लिए एम्स मांगा। साथ ही बाढ़ पीडि़तों के लिए विशेष राहत पैकेज की भी मांग की।
पीडीपी-भाजपा गठबंधन के एजेंडे को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद द्वारा गठित इस कमेटी की प्रधानमंत्री के साथ पहली मुलाकात थी।
मोदी ने भरोसा दिलाया कि वह एजेंडा लागू करने में केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग करेंगे।
प्रधानमंत्री से मुलाकात करने गए मंत्रियों में उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह, पीएचई मंत्री चौधरी सुखनंदन, वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू और ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान शामिल थे।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सांसद जुगल किशोर शर्मा भी बैठक में शामिल हुए। मंत्रियों की टीम प्रधानमंत्री के अचानक बुलावे पर दिल्ली पहुंची।
एम्स के अलावा ये भी मांगा
गौरतलब है कि श्रीनगर को एम्स देने और जम्मू की उपेक्षा को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने मुद्दा बनाया है। इसके लिए बंद का आयोजन भी हो चुका है। इसलिए रियासत सरकार चाहती है कि जम्मू के लिए अलग से एक एम्स की व्यवस्था की जाए।
पीएचई मंत्री चौधरी सुखनंदन ने बताया कि प्रधानमंत्री रियासत के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुलाकात में रिफ्यूजियों के वन टाइम सेटेलमेंट का मुद्दा भी उठा। बार्डर के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों के युवकों के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की भी मांग की गई।
जम्मू-कश्मीर को अभी केंद्र की ओर से 2001 की जनगणना के आधार पर राशन मिलता है। मंत्रियों की टीम ने 2011 की जनगणना के आधार पर राशन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बीते साल बाढ़ ने रियासत की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी। ऐसे में तुंरत राहत का विशेष अभियान जरूरी हो गया है। प्रधानमंत्री से इसके लिए भी पैकेज की मांग की गई।