सरकार! वादों से नहीं, रोटी से भरता है पेट

ब्यूरो/अमर उजाला,बिलावर Updated Tue, 07 Apr 2015 02:16 AM IST
give our salary
ख़बर सुनें
रियासत के कई विभागों के मुलाजिमों को सरकार वेतन नहीं दे पा रही है, जबकि विकास के बड़े-बड़े वादे जरूर किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि सरकार उनका वेतन जारी करे, क्योंकि वादों से पेट नहीं भरता उसके लिए रोटी चाहिए। पूर्व प्रदेश सरकार की ओर से गठित नई प्रशासनिक इकाइयों के अधिकारी और कर्मचारी पिछले पांच महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं।
समय पर वेतन नहीं मिलने से वे आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि वेतन ग्रांट जारी होने के बावजूद ट्रेजरी खाली से समय पर भुगतान नहीं हो पाया। नई प्रशासनिक इकाइयों के मुलाजिमों के साथ ही पूर्व विधायक ठाकुर बलवीर सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान करने में अक्षम है, वह प्रदेश का विकास क्या करवाएगी?

उन्होंने कहा कि केवल राजस्व विभाग के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि अन्य कई विभागों के कर्मचारियों को भी पिछले काफी अर्सा से वेतन नहीं मिला है। रहबर-ए-तालीम टीचर्स को दस महीनों से वेतन नहीं मिला है। सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त शिक्षक भी कई महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं।

इसी तरह बिजली और पीएचई विभाग में कार्यरत दिहाड़ीदारों को भी सरकार समय पर वेतन नहीं दे रही है। इन विभागों के मुलाजिमों ने साफ कह दिया है कि सरकार उनका वेतन जारी करे। उन्हें वादे नहीं रोटी चाहिए। यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया, तो सरकार को कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ेगा।

Recommended

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Muzaffarnagar

जमकर बरसा जल

जमकर बरसा जल

19 अगस्त 2018

Related Videos

जब बड़े पत्थर ने की हाईवे से नहीं हटने की जिद्द, लोग हुए हैरान

भूस्खलन की वजह से जम्मू कश्मीर के उधमपुर में खेरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग एक बड़ा सा पत्थर गिरने से बंद हो गया।

13 अगस्त 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree