जम्मू-कश्मीरः फारूक अब्दुल्ला से मिलने के बाद सरकार पर जमकर बरसे गुलाम नबी आजाद, लगाए कई आरोप
फारूक अब्दुल्ला से मिलने पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सबसे पहले नजरबंद सभी नेताओं को रिहा किया जाए तब आगे की बातों के बारे में सोचेंगे। जिस राज्य के पूर्व तीन मुख्यमंत्री बंद हो वहां कैसी जम्हूरियत।
उन्होंने कहा कि मैं अपने घरेलू रिश्ते और सभी सांसदों की ओर से फारूक अब्दुल्ला से मिलने आया हूं। साथ ही जो कुछ सांसदों द्वारा उनकी रिहाई के लिए प्रयास किए गए हैं उनसे अवगत करवाने आया हूं।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को सात महीने से अधिक समय तक घर में नजरबंद रखा गया। हम अभी भी इसके पीछे के कारण को नहीं जानते। आजाद ने कहा कि उन्होंने ऐसा कौन का कार्य किया जिसके लिए उनको नजरबंद रखा गया।
गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर लगाए ये आरोप
इसके बाद आजाद ने कहा कि मैं दोस्ती के नाते उनसे मिलने के लिए यहां आया हूं। मैं यहां उन सभी सांसदों की तरफ से आया हूं, जिन्होंने फारूक साहब की रिहाई के बारे में बात की थी। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर हमें कश्मीर को खुश रखने की जरूरत है तो सभी नेताओं को रिहा करने की जरूरत है और सभी राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है।
इसके बाद उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी विकास परियोजना पर कोई काम नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं पर्यटन चला गया, हस्तकला समाप्त हो गई। यहां तक कि जम्मू की हालत भी खराब हो गई है। इसका एक ही उपाय है कि सभी राजनीतिक नेताओं को रिहा किया जाए।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य को केंद्रशासित प्रदेश घोषित करने का निर्णय जम्मू-कश्मीर के लोगों का अपमान है। इसे निरस्त करना होगा। जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य घोषित किया जाना चाहिए।