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आजाद और अंबिका पर भड़के कांग्रेसी

Sun, 20 Jul 2014 10:23 AM IST
Updated Sun, 20 Jul 2014 10:23 AM IST
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ghulam nabi and ambika faces anger of workers

जम्मू कश्मीर चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने आए शीर्ष नेताओं को स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा। लोकसभा चुनावों में करारी हार का गुस्सा कार्यकर्ताओं ने अंबिका सोनी, गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज पर निकाला।

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अधिवेशन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा और पूर्व मंत्री गुलचैन सिंह चाढ़क ने तल्ख तेवर दिखाए।

कि जम्मू-पुंछ संसदीय क्षेत्र में चुनाव के दौरान कांग्रेस के मंत्रियों से लेकर विधायकों तक का साथ उन्हें नहीं मिला। अकेले दम पर उन्होंने पौने चार लाख वोट हासिल किए।

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'ढींगें मारने वाले नजर नहीं आए'

ghulam nabi and ambika faces anger of workers

शर्मा ने कहा कि हालात तो यह रहे कि कांग्रेस नेता और मंत्री, जो आसमान सिर पर उठाने की ढींगें मारते थे वह घर से बाहर नहीं आए और उनके विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में ऐसा न हो, इसके लिए कांग्रेस के उन मंत्रियों और विधायकों को अभी से होशियार हो जाना चाहिए। अब उनकी बारी है, लेकिन वह यह विश्वास दिलाते हैं कि वह उनके समर्थन में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। इस पर शर्मा ने विधानसभा चुनाव न लड़ने का भी ऐलान किया।

वहीं, पूर्व मंत्री चाढ़क ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी और जनमुद्दों पर काम न होने से पार्टी कमजोर हुई और हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जम्मू के मुद्दों की अनदेखी की गई और इसका लाभ भाजपा ले गई।

नेकां से नाता तोड़ने के नारे गूंजे

ghulam nabi and ambika faces anger of workers

लोकसभा चुनाव में करारी हार के लिए रियासत में नेशनल कांफ्रेंस से गठबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेशनल कांफ्रेंस से गठबंधन तोड़ने और विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने पर जोर दिया।

इसके अलावा गुलाम नबी आजाद को चुनाव पूर्व कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की गई।

कांग्रेस नेता गंभीर देव सिंह चाढ़क ने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार से उबरने के लिए पार्टी को गुटबाजी और चापलूसी करने वाले नेताओं पर लगाम लगाने और गुलाम नबी आजाद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने में देर नहीं करनी चाहिए।

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'कांग्रेस को हुआ नेका गठबंधन से नुकसान'

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चाढ़क ने कहा कि लगभग सभी पार्टियां अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी हैं। ऐसे में अब कांग्रेस को देर नहीं करनी चाहिए। पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने भी आजाद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की।

पूर्व मंत्री आरएस चिब ने कहा कि जब से कांग्रेस ने नेकां के साथ गठबंधन किया है कि कांग्रेस नुकसान में रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अपने बलबूते पर ही चुनाव मैदान में उतरना चाहिए।

शाह नवाज चौधरी ने भी नेकां से गठबंधन तोड़ने पर जोर दिया। इसके अलावा अधिवेशन में मौजूद कार्यकर्ता समय समय पर आजाद को सीएम घोषित करने ओर नेकां से गठबंधन तोड़ने के नारे लगाते रहे।

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