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Ganderbal Attack: 'सीधा बोलते तो हम यहां से चले जाते, गरीब आदमी पर गोलियां क्यों चलाई', चश्मदीद की आपबीती

Tue, 22 Oct 2024 04:25 AM IST
आकाश दुबे अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 22 Oct 2024 04:25 AM IST
सार

लोगों ने बताया कि दो आदमी (आतंकवादी) आए, पूरे हथियारों के साथ लैस थे। उन लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी, जो आदमी उनको दिखता गया, धड़ाधड़ उनपर गोलियां चला दीं।

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Ganderbal ran away in the same condition as it was during the terrorist attack
गांदरबल आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में निर्माणाधीन जेड-मोड़ टनल के मजदूरों पर आतंकी हमले को लेकर जहां हर तरफ इसकी निंदा हो रही है, वहीं इस हमले के चश्मदीद अभी भी दहशत के माहौल में हैं। 

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खासतौर पर प्रवासी मजदूरों का कहना है कि हमारा क्या कसूर है, हम तो सिर्फ दो वक़्त की रोटी कमाने और अपने परिवार वालों का पेट पालने के लिए यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि जब हमला हुआ तब एक दम दहशत का माहौल था, जो जैसे था वैसे ही अपनी जान बचाने के लिए भागा। बता दें कि इस हमले में कुल 7 लोग मारे गए जबकि 5 घायल हुए हैं। इनमें से एक मध्य कश्मीर के बड़गाम का जबकि एक अन्य मृतक जम्मू का रहने वाला था। घायलों का इलाज शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) में जारी है। 

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हमले के एक चश्मदीद ने कहा, "खौफजदा हुए ... गोली चली तो काफी ज़्यादा खौफजदा हुए  ... लाइफ में कभी इतने खौफजदा नहीं हुए। खाना खाने जा रहे थे कि अचानक से हमारे सामने फायर होने लग गए। खाना भी नहीं खाया बस अपनी जान बचाकर निकलना लगे।" एक अन्य चश्मदीद ने कहा, "हम कमरे में बैठे हुए थे, बाहर फायरिंग की आवाज आई। हमने सोचा कि आसपास कोई शादी है शायद उसके पटाके चल रहे हैं।

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थोड़ी देर बाद हल्ला मच गया कि वहां फायरिंग हुई है। जैसे ही बाहर निकले तो मौके पर ही दो शव देखे और करीब छह लोग घायल पड़े थे। जो घायल थे उन्हें  वाहन में डालकर तुरंत कंगन अस्पताल ले गए। इतना खौफ था कि जो जैसे था वैसे भी भागा। दहशत का माहौल था ... कोई निक्कर में कोई नंगे पैर जान बचाने के लिए भागा। ऐसा कभी हमने न देखा और न सुना था। हमने सोचा भी नहीं था कि यहां हम पर आतंकवादी हमला हो सकता है।"

वहीं तीसरे चश्मदीद ने कहा, "बहुत डेंजर माहौल था। हमारे एक आदमी ने बताया कि दो आदमी (आतंकवादी) आए, पूरे हथियारों के साथ लैस थे। उन लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी, जो आदमी उनको दिखता गया, धड़ाधड़ उनपर गोलियां चला दीं। हम लोगों को अगर सीधा बोलते हम यहां से चले जाते, गरीब आदमी पर गोलियां क्यों चलाई। क्या कसूर था हमारा ?" बता दें कि घटना के बाद गगनगीर इलाके में आतंकवादियों को तलाशने के लिए बड़े पैमाने पर कोर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) चलाए जा रहे हैं। इस बीच जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने भी सुरक्षा बालों को खुली छूट देते हुए कहा कि इन आतंकवादियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाए।

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