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राज्यपाल सत्यपाल मलिक के चौथे सलाहकार कृष्ण शर्मा ने संभाला पदभार

Fri, 09 Nov 2018 12:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 09 Nov 2018 12:24 AM IST
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Fourth Advisor of Governor Satyapal Malik Krishna Sharma takes charge in jammu
राज्यपाल के सलाहकार का पदभार संभाला - फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल सत्यपाल मलिक के चौथे सलाहकार के रूप में केवल कृष्ण शर्मा ने वीरवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। वह दिल्ली और गोवा के मुख्य सचिव रह चुके है। 
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कठुआ जिले की बिलावर तहसील के रहने वाले शर्मा,  बीबी व्यास, के विजय कुमार और खुर्शीद अहमद गनई के बाद चौथे सलाहकार चुने गए हैं। 

शर्मा 1983 बैच एजीएमयूटी कैडर के आईएएस अधिकारी है।  उन्होंने अपने तीस साल के सेवाकाल के दौरान विभिन्न अहम पदों पर कार्य किया है। वह 2009 के दौरान केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के सचिव रहे और फिर उन्हें इसी मंत्रालय का केंद्रीय प्रधान सचिव  भी बनाया गया था।

 सेवानिवृत्ति से पहले वह मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के सचिव के रूप में भी कार्य किया। शर्मा ने 1 जनवरी 2015 को गोवा के मुख्य सचिव नियुक्त होने और 3 मार्च 2015 को दिल्ली के मुख्य सचिव नियुक्त होने से पहले चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। शर्मा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्रों में दिल्ली में प्रमुख परियोजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
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निजी स्कूलों में किताबों, ड्रेस के दाम तय होंगे 

निजी स्कूलों की तरफ से दी जानी वाली किताबों और ड्रेस की कीमतें तय की जाएंगी। निजी स्कूलों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनेई ने स्कूल शिक्षा निदेशक को दाम निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों में मनमानी फीस की भी समीक्षा की जाए। 

अभिभावकों की शिकायतों पर गनेई ने निजी स्कूलों में बेची जा रही पाठ्य पुस्तकों और वर्दी की कीमतों की जांच करवाने के भी निर्देश दिए हैं। कहा कि इस पर शिक्षा विभाग को गंभीरता से काम करना चाहिए।

शिक्षा सभी विद्यार्थियों का मौलिक अधिकार है, लेकिन ऐसी व्यवस्था से शैक्षणिक समाज में असमानता फैलती है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सुनिश्चित किया जाए कि निजी स्कूलों में निर्धारित से महंगे दामों पर पाठ्य पुस्तकों और वर्दी की बिक्री न हो। ऐसा करने वाले स्कूल प्रशासनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।
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