15 दिन के भीतर भारत में घुस सकते हैं चार से पांच आतंकी
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पिछले लंबे समय से इंटरनेशनल बार्डर के हीरानगर सेक्टर से घुसपैठ करवाने में नाकाम रहे पाकिस्तान ने नए पैंतरे अपनाने शुरू कर दिए हैं।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट से साफ हुआ है कि पाकिस्तान आने वाले दिनों में कठुआ जिले के दरियाई नालों से घुसपैठ करवाने की फिराक में है।
इस बार नई नीति के तहत घुसपैठियों को बिना हथियारों के जम्मू-कश्मीर में धकेलने की कोशिश की जा रही है। खुफिया सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर की सीमा पर हीरानगर सेक्टर के ठीक सामने पिछले कुछ दिनों में कई बार आतंकियों को घूमते भी देखा गया है।
सीमा के उस पार मस्जिद में हुई बैठक
पिछले वीरवार को इसी संदर्भ में बोबिया के ठीक सामने पड़ते गांव अभियाल डोगरा में एक बैठक की भी सूचना है। बैठक वीरवार शाम छह बजे शुरू हुई जो रात नौ बजकर पंद्रह मिनट तक चली।
बैठक से पहले यह एलान किया गया था कि धर्म प्रचार के लिए बैठक बुलाई गई है, जिसमें नब्बे के करीब लोगों ने भाग लिया। इस दौरान पचास के लगभग बाइक भी सीमा पार घूमते देखे गए।
मौलाना मस्जिद में हुई इस बैठक में लांचिग पैड पर तैयार बैठे चार से पांच आतंकियों की घुसपैठ करवाए जाने को लेकर रणनीति बनाए जाने की सूचना है। सूचना यह भी है कि आतंकी आने वाले पंद्रह दिन के भीतर घुसपैठ की कोशिश करेंगे।
आधुनिक उपकरणों से नाकाम हो रही घुसपैठ
खुफिया सूत्रों की मानें तो सुरक्षा एजेंसियों ने हीरानगर सेक्टर के सीमावर्ती क्षेत्र में सख्ती कर रखी है। सीमा पार की हर हलचल पर भी नजर रखी जा रही है। सर्दियों और धुंध के दिनों में भी निगरानी रखने के लिए गंडोला, नाइट विजन, डीएफएमबी कैमरा लगाए गए हैं।
सीमा पर हर हरकत पर नजर रखने के लिए इंफ्रारेड रेंज का प्रयोग किया जा रहा है। हीरानगर सेक्टर में तारबंदी के लिए प्रयोग किए जाने वाले खंभों के बीच इंफ्रारेड डिवाइस लगाए गए हैं।
हलकी सी हरकत को भी यह डिवाइस तुरंत रिपोर्ट कर देते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती ने भी पाकिस्तान की मंशा को अब तक नाकाम किया है।