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श्रीनगर में मेयर बनाकर भाजपा ने रचा इतिहास, डिप्टी मेयर बने शेख इमरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Tue, 06 Nov 2018 03:51 PM IST
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भाजपा ने अपने मिशन कश्मीर को आगे बढ़ाते हुए घाटी में भी भगवा लहरा दिया। अपने तथा सहयोगी पीपुल्स कांफ्रेंस के समर्थन से श्रीनगर का मेयर बनाने में भाजपा सफल रही। आने वाले समय में इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं।
मेयर चुनाव में भाजपा और पीपुल्स कान्फ्रेंस के समर्थन से नेकां के पूर्व नेता जुनैद अजीम मट्टू ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर मेयर की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। उन्हें 74 मतों में से 40 मत मिले।
इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार गुलाम रसूल हजाम को 26 वोट पड़े। डिप्टी मेयर के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार शेख इमरान ने कांटे की टक्कर में पीपुल्स कान्फ्रेंस के मोहम्मद सलीम को मात्र एक वोट से हराकर जीत दर्ज की। इमरान को 35 और सलीम को 34 वोट मिले।
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मट्टू ने गत सितंबर माह में नेकां की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देते हुए निकाय चुनाव लड़ा था। नेकां ने अनुच्छेद 35 ए पर केंद्र और राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट करने तक चुनाव का बहिष्कार किया था।
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मेयर चुनाव में भाजपा और पीपुल्स कान्फ्रेंस के समर्थन से नेकां के पूर्व नेता जुनैद अजीम मट्टू ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर मेयर की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। उन्हें 74 मतों में से 40 मत मिले।
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इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार गुलाम रसूल हजाम को 26 वोट पड़े। डिप्टी मेयर के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार शेख इमरान ने कांटे की टक्कर में पीपुल्स कान्फ्रेंस के मोहम्मद सलीम को मात्र एक वोट से हराकर जीत दर्ज की। इमरान को 35 और सलीम को 34 वोट मिले।
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मट्टू ने गत सितंबर माह में नेकां की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देते हुए निकाय चुनाव लड़ा था। नेकां ने अनुच्छेद 35 ए पर केंद्र और राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट करने तक चुनाव का बहिष्कार किया था।
मट्टू ने चार वार्डों से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें तीन में जीत मिली। पीपुल्स कान्फ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन ने निकाय चुनाव के नतीजों के साथ ही मट्टू को चेयरमैन पद का उम्मीदवार घोषित किया था।
एसएमसी में कांग्रेस 16 सीटें लेकर बड़े दल के रूप में सामने आया। लेकिन 38 का आंकड़ा जुटाने के लिए उसे कई सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी। इसके अलावा पीपुल्स कान्फ्रेंस के चार, भाजपा के पांच और 53 निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव जीता था।
पीडीपी-भाजपा की गठबंधन सरकार में लोन भाजपा कोटे से मंत्री रहे और उन्होंने मट्टू को मेयर पद के चुनाव में पूरा समर्थन किया। इसमें पीडीपी विधायक और शिया नेता इमरान रजा अंसारी का भी समर्थन रहा। आयुक्त एसएमसी पीर हफीजुल्लाह ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं।
एसएमसी में कांग्रेस 16 सीटें लेकर बड़े दल के रूप में सामने आया। लेकिन 38 का आंकड़ा जुटाने के लिए उसे कई सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी। इसके अलावा पीपुल्स कान्फ्रेंस के चार, भाजपा के पांच और 53 निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव जीता था।
पीडीपी-भाजपा की गठबंधन सरकार में लोन भाजपा कोटे से मंत्री रहे और उन्होंने मट्टू को मेयर पद के चुनाव में पूरा समर्थन किया। इसमें पीडीपी विधायक और शिया नेता इमरान रजा अंसारी का भी समर्थन रहा। आयुक्त एसएमसी पीर हफीजुल्लाह ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं।
राज्यपाल ने पहले ही कर दिया था इशारा
गत दिनों राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी एक निजी चैनल के साक्षात्कार में मट्टू के नाम पर इशारा किया था। उन्होंने कहा कि था कि एसएमसी को क्षेत्रीय दल से विदेश से पढ़ा लिखा मेयर मिलेगा। निकाय चुनाव में नेकां और पीडीपी ने बहिष्कार किया था। गौरतलब है कि इससे पहले नेकां के सलमान सागर मेयर रहे हैं। उससे पहले नेकां के गुलाम भट्ट वर्ष 2006 में श्रीनगर के मेयर रहे थे।
पारिवारिक शासन की परंपरा खत्म हुई: मट्टू
मेयर चुनाव जीतने पर मट्टू ने कहा कि आखिरकार पारिवारिक शासन क ी परंपरा खत्म हुई है। यह एक ऐतिहासिक चुनाव हुए हैं और इससे नई शुरुआत हुई है। यह सिर्फ श्रीनगर में सीमित नहीं रहेगी। रियासत में तब्दीली आएगी। आज लोगों की सशक्तिकरण हुआ है।
श्रीनगर के विकास के बारे में पूछे एक सवाल के जवाब में मट्टू ने कहा कि उनके पास श्रीनगर शहर के विकास की कई योजनाएं हैं और वह सभी काउंसिलरों के साथ मिलकर काम करेंगे। श्रीनगर को विश्व प्रसिद्ध शहर बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने इन चुनावों को आधिकारिक तौर पर हिस्सा नहीं लिया उन्होंने भी इन चुनावों को प्रॉक्सी उम्मीदवारों के जरिए लड़ा। अगर चुनावों का बहिष्कार था तो मेयर चुनावों के लिए क्यों नहीं।
पारिवारिक शासन की परंपरा खत्म हुई: मट्टू
मेयर चुनाव जीतने पर मट्टू ने कहा कि आखिरकार पारिवारिक शासन क ी परंपरा खत्म हुई है। यह एक ऐतिहासिक चुनाव हुए हैं और इससे नई शुरुआत हुई है। यह सिर्फ श्रीनगर में सीमित नहीं रहेगी। रियासत में तब्दीली आएगी। आज लोगों की सशक्तिकरण हुआ है।
श्रीनगर के विकास के बारे में पूछे एक सवाल के जवाब में मट्टू ने कहा कि उनके पास श्रीनगर शहर के विकास की कई योजनाएं हैं और वह सभी काउंसिलरों के साथ मिलकर काम करेंगे। श्रीनगर को विश्व प्रसिद्ध शहर बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने इन चुनावों को आधिकारिक तौर पर हिस्सा नहीं लिया उन्होंने भी इन चुनावों को प्रॉक्सी उम्मीदवारों के जरिए लड़ा। अगर चुनावों का बहिष्कार था तो मेयर चुनावों के लिए क्यों नहीं।
काउंसिलरों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए जल्द राज्यपाल से मिला जाएगा। राजपाल की पहले ही उनके बारे में टिप्पणी को लेकर मट्टू ने कहा कि उन्होंने यह चुनाव मेहनत और ईमानदारी से लड़ा है।
भाजपा से जुड़ने के सवाल पर मट्टू ने पूर्व सत्ताधारी दलों की आलोचना करते हुआ कहा कि उमर अब्दुल्ला उनके समय में विदेश मंत्री रहे हैं और महबूबा मुफ्ती उनकी थाली में कल तक खाना खाती थी और यह सवाल कि मैं भाजपा के खिलाफ था आज उनके पक्ष में हूँ पहले उनसे होना चाहिए।
भाजपा से जुड़ने के सवाल पर मट्टू ने पूर्व सत्ताधारी दलों की आलोचना करते हुआ कहा कि उमर अब्दुल्ला उनके समय में विदेश मंत्री रहे हैं और महबूबा मुफ्ती उनकी थाली में कल तक खाना खाती थी और यह सवाल कि मैं भाजपा के खिलाफ था आज उनके पक्ष में हूँ पहले उनसे होना चाहिए।