कांग्रेस में भी बगावत, पूर्व मंत्री ने जलाया पार्टी का झंड़ा
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पूर्व मंत्री चौधरी गारू राम टिकट के दमदार दावेदारों में शामिल थे। लेकिन जब कांग्रेस की सूची आई तो उसमें उनका नाम नहीं था। इसके बाद से ही वह पार्टी आलाकमान से नाराज चल रहे हैं। रविवार को अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में विचार-विमर्श के बाद उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देने ऐलान किया है। हालांकि, देर शाम तक उन्होंने आलाकमान को इस्तीफा भेजा नहीं था।
उनके समर्थकों ने शामिल सुचेतगढ़ ब्लाक के कार्यकारी प्रधान सरदार रवैल सिंह सहित कई प्रतिनिधियों ने पार्टी से त्यागपत्र देने की घोषणा की। चौधरी गारू राम ने कहा कि लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बावजूद कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके चेहते नेताओं ने सबक नहीं लिया और ऐसे लोगों को टिकट दिया जो दलबदल की राजनीति कर रहे हैं। चौधरी ने कहा कि चालीस साल से वह कांग्रेस का सिपाही बनकर लोगों की सेवा कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री मे लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में धांधली के चलते ही उन्हें टिकट नहीं दिया गया और हमें निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतरने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने पार्टी के राज्य प्रधान सैफुद्दीन सोज पर भी आरोप लगाया है। इस मौके पर पूर्व मंत्री के समर्थक एवं कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा जला अंबिका सोनी, सोज आदि नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।
इस मौके पर युवा विंग के सुचेतगढ़ ब्लाक के पूर्व ब्लाक प्रधान जंग बहादुर मन्हास, किसान कांग्रेस के चेयरमैन जोगिन्द्र सिंह, कांग्रेस सेवादल के चेयरमैन राज कुमार, कांग्रेस किसान यूनियन के प्रधान चौधरी सरवन आदि ने भी पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की है।