जम्मू-कश्मीरः कांग्रेस को लगा झटका, नम्रता शर्मा सहित कई नेता अल्ताफ बुखारी की पार्टी में शामिल
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प्रदेश कांग्रेस की पूर्व महासचिव नम्रता शर्मा, एनएसयूआई(नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष रफीक अहमद खान व कई अन्य ने अल्ताफ बुखारी की मौजूदगी में अपनी पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी में शामिल होने वाले अन्य लोगों में कांग्रेस, भाजपा और पीडीपी के कार्यकर्ता शामिल रहे।
इनमें वैभव मट्टू, जनमीत सिंह बाली, गुरविंद्र भाटिया, अजय कुमार आदि शामिल रहे। बुखारी ने इस अवसर पर पार्टी में शामिल होने वालों का स्वागत करते हुए कहा कि कोरोना वायरस पर स्वास्थ्य एडवाइजरी के चलते फिलहाल पार्टी अपनी राजनीतिक गतिविधियां बंद रखेगी। हालात में सुधार होने पर गतिविधियों को तेज कर दिया जाएगा।
बता दें कि कोरोना के बढ़ते दायरे को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सरकारी मुलाजिमों को घर से काम करने की छूट दे दी गई है। सरकार ने शुक्रवार को आदेश जारी कर विभागाध्यक्षों को सप्ताहवार कर्मचारियों को कार्यालय में बुलाने के लिए कहा है। विभागाध्यक्ष इस तरह से ड्यूटी रोस्टर बनाएंगे ताकि मुलाजिम एक हप्ता घर और दूसरे सप्ताह कार्यालय में काम कर सकें।
उधर, शिक्षा विभाग ने तमाम शिक्षकों को छुट्टी पर भेज दिया है। स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए 31 मार्च तक पहले से ही छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। कोरोना वायरस की रोकथाम में लगे और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय आएंगे। काम पर आने वालों को भी एक-दूसरे से दूरी बनाकर रहने की हिदायत दी गई है।
लद्दाख में सरकारी दफ्तर 15 तक बंद
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सभी सरकारी दफ्तरों को 15 अप्रैल तक बंद करने के आदेश जारी हो गए हैं। इस सूचना को ऑल इंडिया रेडियो के ट्विटर हैंडल पर भी शेयर कर दिया गया है। लद्दाख के मंडलायुक्त और सचिव सौगत बिस्वास ने बताया कि सभी कर्मचारी घर से सरकारी काम चलाएंगे।
मामूली बीमारी में डॉक्टर फोन पर देंगे सलाह
मामूली बीमारियों के लिए फोन पर सलाह देने के लिए मोबाइल नंबर और नाम मांगे गए हैं, जो छोटी मोटी बीमारियों के लिए फोन पर ही सुबह 10 से शाम 4.30 बजे तक उचित सलाह देंगे। ऐसे मरीजों को अस्पतालों में आने की जरूरत नहीं है।
वकीलों ने बंद किए चेंबर
इस बीच वकीलों ने अपने चेंबर बंद करना शुरू कर दिए हैं। कई वकील हाईकोर्ट से दूरी बनाते हुए अपने क्लाइंट से मोबाइल फोन पर ही बात कर रहे हैं। श्रीनगर में पासपोर्ट कार्यालय का पूछताछ काउंटर 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है।