फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   For the new High Court complex in Srinagar and 250 kanals of land allotted, State Forest Corporation ceased to exist

श्रीनगर में नए हाईकोर्ट कांप्लेक्स के लिए और 250 कनाल भूमि आवंटित, राज्य वन निगम का अस्तित्व समाप्त

Sun, 07 Jun 2020 01:42 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 07 Jun 2020 01:42 PM IST
विज्ञापन
For the new High Court complex in Srinagar and 250 kanals of land allotted, State Forest Corporation ceased to exist
उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू - फोटो : अमर उजाला

श्रीनगर में नए हाईकोर्ट कांप्लेक्स के निर्माण के लिए बेमिना में रख-ए-गुंड अक्सान में 250 कनाल भूमि का आवंटन किया गया है। इस कांप्लेक्स में मध्यस्थता केंद्र, फूड कोर्ट, पुलिस व सुरक्षा ढांचा, न्यायिक प्रशासन की आवासीय सुविधा, कन्वेंशन सुविधा, पार्किंग, फायर स्टेशन का भी प्रावधान होगा। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर राज्य वन निगम (जेएंडके एसएफसी) की जगह कंपनी एक्ट,2013 के तहत जम्मू कश्मीर वन विकास निगम (जेएंडके एफडीसी) का गठन किया गया है।

विज्ञापन


जेएंडके एसएफसी से नए निगम को सभी संपत्ति और देनदारियों को स्थानांतरित किया जाएगा। नए नियम बनने तक सभी स्थायी स्टाफ पहले की तरह अपनी सेवाएं देता रहेगा। यह फैसला उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक काउंसिल (एसी) की बैठक में लिया गया।
विज्ञापन


प्रशासनिक परिषद ने जेएंडके एफडीसी की वित्तीय, कानूनी, प्रशासनिक स्थिति, कार्यों और कार्यक्षेत्र पर एक रोल आउट योजना तैयार करने के लिए अधिकारियों की एक समिति के गठन को मंजूरी दी है। जम्मू कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद जेएंडके एफडीसी का गठन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंपनी के पंजीकरण के लिए अधिकृत शेयर पूंजी 10 करोड़ रुपये में तय की गई थी, जो प्रत्येक के 1 लाख इक्विटी शेयरों में विभाजित थी। निदेशक मंडल में वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग,  वित्त, उद्योग और वाणिज्य, ग्रामीण विकास, जनजातीय मामलों के के प्रशासनिक सचिवों के अलावा प्रधान वन संरक्षक और प्रबंध निदेशक, जेकेएफडीसी शामिल होंगे।


वहीं, हाईकोर्ट को दिसंबर 2019 में दिए गए 250 कनाल जमीन से अतिरिक्त जमीन आवंटित करने का फैसला श्रीनगर शहर में भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है। 500 कनाल पर न्यायिक ढांचे के निर्माण से एक ही स्थान पर लोगों को न्याय उपलब्ध हो सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed