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कुपवाड़ा में पहली बार पीओके की महिला डीडीसी चुनाव में आजमा रही किस्मत
Thu, 03 Dec 2020 02:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमृतपाल सिंह बाली , श्रीनगर/कुपवाड़ा
अमृतपाल सिंह बाली , श्रीनगर/कुपवाड़ा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 03 Dec 2020 02:40 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर घाटी में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) की रहने वाली कोई महिला जम्हूरियत के इस पर्व में भाग ले रही है। पीओके के मुजफ्फराबाद की सोमैया लतीफ सीमांत जिले कुपवाड़ा के द्रगमुला निर्वाचन क्षेत्र से सात दिसम्बर को चौथे चरण में अपनी किस्मत आजमाने जा रही हैं। इस महिला का जम्हूरियत में विश्वास जताना पाकिस्तान में बैठे उन आतंक के आकाओं के चेहरे पर तमाचा है, जो घाटी में जम्हूरियत को दबाने के लिए आतंकवाद का पाठ पढ़ाते रहते हैं।
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जानकारी के अनुसार मुजफ्फराबाद की सोमैया लतीफ पुनर्वास नीति के तहत अपने पति के साथ कश्मीर आई थीं, जोकि आतंकवाद में शामिल होने के लिए सीमा पार पाकिस्तान हथियारों की ट्रेनिंग लेने गया था। इस पुनर्वास नीति के तहत सरकार ने उन युवाओं को वापस आकर मुख्यधारा में शामिल होने का मौका दिया, जो एलओसी पार कर आतंकवाद में शामिल होने गए थे।
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इस नीति के तहत कई युवा पाकिस्तान से वापस लौटे। इनमें से कइयों ने वहीं शादी भी कर ली थी और वह अपनी बीवियों के साथ आए। सोमैया का पति भी उनमें से एक था, जिसने आम जिंदगी व्यतीत करने का फैसला लिया। अब सोमैया ने जम्हूरियत का चुनाव कर डीडीसी चुनावों में भाग लेने की ठानी।
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सोमैया के अनुसार उन्हें लोगों ने काफी प्रोत्साहित किया कि वह डीडीसी चुनाव लड़ें। कहा कि अगर वह चुनाव लड़ रही हैं तो केवल लोगों की भलाई के लिए। सोमैया ने बताया कि वह राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन स्कीम का हिस्सा भी रह चुकी हैं। इस दौरान काफी फील्डवर्क किया, लोगों की पीड़ाओं से अच्छी तरह से वाकिफ हुईं।