फूड इंस्पेक्टर ना होने से शहर में बढ़ी मिलावट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू जिले में तीन नगरपालिकाओं में फूड इंस्पेक्टर नहीं हैं। फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर की कमी के कारण विभिन्न नगरपालिकाओं के कार्यों में व्यापक असर पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक अरनियां में फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर का एक पद खाली पड़ा हुआ है, जबकि घो मन्हासा में एक फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर का पद रिक्त है। वहीं पलांवाला में भी एक फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर का पद खाली पड़ा हुआ है।
इन रिक्तियों के कारण फूड सेफ्टी को लेकर चलाए जाने वाले अभियानों पर जहां असर पड़ रहा है, वहीं इस प्रकार के अभियानों के न होने से बाजार में मनमानी भी होने लगती है।
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान जैसे मामले बढ़े
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर पर्याप्त रूटीन चेकिंग न होने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान जैसे मामले भी बढ़ने लगते हैं, जिससे सामान्य रूप से आम ग्राहकों पर असर पड़ता है।
वहीं सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान जैसी गतिविधियों पर भी रोक नहीं लग पाती। इस संबंध में जिला फूड सेफ्टी अफसर मदन लाल मगोत्रा का कहना है कि सर्विस सेलेक्शन रिक्रूटमेंट बोर्ड को इन खाली पड़े पदों को रेफर किया गया है, ताकि नियुक्तियां हो सकें।
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों को टोबेको फ्री करने के प्रयास में सफलता मिली है। कई एजेंसियों की मदद से करवाए गए सर्वे के मुताबिक जम्मू जिला सार्वजनिक स्थलों पर सबसे कम धूम्रपान करने वाला जिला बना है।