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खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से गड़बड़ाया रसोई बजट, लोग परेशान
Wed, 17 Mar 2021 05:04 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 17 Mar 2021 05:04 PM IST
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दालों की कीमतों में भारी इजाफा
- फोटो : अमर उजाला
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पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के बाद खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। खुदरा में लगभग सभी प्रकार की दालों में 12 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। सरसो और रिफायंड तेल के भाव भी कई गुणा बढ़े हैं। कीमतें बढ़ने से लोगों ने आवश्यक खाद्य वस्तुओं के इस्तेमाल में कटौती करना शुरू कर दी है। कारोबारियों के अनुसार इस साल कीमतों में कटौती की संभावना नहीं है।
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राज तिलक रोड पर खुदरा की करियाना की दुकान करने वाले कमल महाजन ने बताया कि पिछले कुछ समय में खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सरसो के तेल में प्रति टिन पर 700 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। पहले सामान्य सरसो का उच्च गुणवत्ता वाला तेल 140 रुपये में बिक रहा था जो वर्तमान में 170 रुपये में बिक रहा है।
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इसी तरह राजमा 160 रुपये के बजाय 180, रिफायंड तेल (प्रति लीटर) 120 के बजाय 140, डालडा (प्रति किलो) 120 के बजाय 140, देसी घी 420 के बजाय 440, राजमा 160 के बजाय 180, हल्की 160 (प्रति किलो) 160 के बजाय 180, मिर्च 300 रुपये के बजाय 340 रुपये में बिक रही है। आटे की कीमतों में भी कुछ बढ़ोतरी हुई है। दाल एसोसिएशन वेयर हाउस के प्रधान कीर्ति गुप्ता ने बताया कि इस साल दाल की फसलों का सामान्य से 15 से 20 फीसदी उत्पादन कम हुआ है, जिससे दालों की कीमतों में 12 से 15 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
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इसमें प्रमुख रूप से सफेद चला, दाल चला, रोंगी, राजमा आदि शामिल है। पीछे से उत्पादन की कमी के कारण इस साल दाल की दरों में गिरावट आने की संभावना नहीं है। गृहणी रागिनी शर्मा ने कहा कि रसोई गैस के बाद खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से रसोई का बजट बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
हालत यह हो गई है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में कुछ कटौती करनी पड़ रही है। एक अन्य गृहणी पूजा गुप्ता ने कहा कि लगातार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से खासतौर पर मध्यम वर्ग के परिवारों को अधिक प्रभावित होना पड़ रहा है।