घाटी के बड़े अस्पतालों में अभी भी भरा पानी
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बाढ़ के कारण बुरी तरह से प्रभावित घाटी में स्थित अधिकतर बड़े अस्पताल अब भी पानी से भरे हैं। बाढ़ के कारण जगह-जगह जलभराव होने से सभी अस्पतालों में पानी भरा हुआ है, जिससे घाटी में स्वास्थ्य व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
अस्पतालों में लगी करोड़ों रुपयों की लागत की मशीनें भी बुरी तरह से खराब हो चुकी हैं। श्रीनगर शहर में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा विभाग की ओर से 58 मोबाइल हेल्थ क्लीनिक खोले गए हैं।
जीबी पंत, ललदेद और एसएमएचएस अस्पतालों से पानी को बाहर निकाल दिया गया है। घाटी के अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में चार मोबाइल अस्पताल बनाए हैं, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधा आसानी से मिल सके।
58 मोबाइल हेल्थ यूनिट बनाए गए
इसके अलावा बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। अस्पताल के एक ब्लाक को गाइनी और ओबस्ट्रीक यूनिट बनाया गया है। वहीं सनत नगर स्थित मैटरनिटी अस्पताल में भी सेवाएं दी जा रही हैं।
स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा मंत्री ताज मोई उद दीन ने बताया कि घाटी में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि घाटी के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को एंटी मीसल्स (खसरा) टीकाकरण करे।
एसएमएचएस अस्पताल में बाढ़ के कारण सौ करोड़ रुपये की मशीनें और डाइग्नास्टिक उपकरण खराब हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ घाटी में स्थित अस्पतालों का दौरा भी किया।