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सालों लग जाएंगे इस 'जन्नत' को फिर बसाने में

Fri, 12 Sep 2014 02:18 AM IST
Updated Fri, 12 Sep 2014 02:18 AM IST
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flood victims walk along kashmir to jammu

उन्होंने बताया कि सेना और एनडीआरएफ के जवानों का बचाव कार्य बहुत अच्छे से चल रहा है लेकिन अब भी कई लोग फंसे हुए हैं।

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सिंह ने कहा कि इस हादसे से स्थानीय लोगों से लेकर देश के हर नागरिक को उभरने में काफी समय लग जाएगा।  पिछले आठ दिन से डल झील के पास फंसे जम्मू के कुलवीर सिंह, धीरज ने बताया कि व्यापार के सिलसिले से घाटी गये थे।

उन्होंने घाटी के हालातों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कश्मीर और हालातों को सुधरने में कई वर्ष लग सकते हैं।

बाढ़ में खो गई वादी की खूबसूरती

flood victims walk along kashmir to jammu

कुदरत के कहर से तहस नहस हुई घाटी को दोबारा ‘जन्नत’ बनने में सालों लग जाएंगे। पर्यटकों और स्थानीय लोगों की चहल पहल से भरी रहने वाली हसीन वादियां अपनी खूबसूरती को पूरी तरह से खो चुकी हैं।


एयर फोर्स और सेना के जवानों द्वारा सकुशल बचाये गये लोगों ने जम्मू टेक्नीकल एयरपोर्ट में पहुंचकर घाटी के हालातों को जब बयान किया तो उनके शब्दों में बाढ़ और उसमें जूझ रहे लोगों के दुख दर्द के मंजर की तस्वीर साफ झलक रही थी।

वीरवार को सतवारी टेकभनीकल एयरपोर्ट पर श्रीनगर से पहुंचे बनारस के एस के केसरी ने बताया कि वह अपने छह दोस्तों की मंडली के साथ हर साल की तरह इस बार भी घूमने के लिए आये थे। उनका कश्मीर से होते हुए लेह जाने का प्लान था।

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हर तरफ दिख रहा पानी का सैलाब

flood victims walk along kashmir to jammu

लेकिन किस्मत में कुछ ओर ही लिखा था। उन्होंने बताया कि वह तीन तारीख को अनंतनाग में गाड़ी में फंसे थे। हर तरफ पानी का सैलाब बन गया हुआ था। वहां से जंगलों और बाढ़ के कई इलाकों से होते हुए मीलों पैदल चलकर आठ तारीख को गवर्नर हाउस पहुंचे थे।

गवर्नर हाउस पहुंचते हुए रास्ते में सेना के जवानों द्वारा दिये गये खाने के पैकेट और पानी से थोड़ी बहुत राहम मिली। उन्होंने बताया कि जन्नत के रूप में कही जाने वाली कश्मीर की हसीन वादियों को फिर से अपनी रंगत में वापस लौटने के लिए कई वर्ष लग जाएंगे।

चंडीगढ़ से आये अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ आये सतनाम सिंह ने बताया कि वह अंवतीपोरा इलाके में ट्रक के ऊपर फंसे थे।

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