फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   flood victims scared of coming cold weather

बाढ़ प्रभावितों को अब आने वाली भीषण ठंड की चिंता

Mon, 15 Sep 2014 01:13 AM IST
Updated Mon, 15 Sep 2014 01:13 AM IST
विज्ञापन
flood victims scared of coming cold weather

बचपन में किताबों में हम एक कहानी पढ़ा करते थे। उस कहानी के मुताबिक कश्मीर घाटी पहले सतीसर झील होती थी। उस झील में एक जलोत बाबा राक्षस रहता था, जो पानी से निकल कर लोगों को परेशान करता था। कश्मीर में आई बाढ़ ने सतीसर झील के साथ-साथ जलोत बाबा की कहानी को हकीकत में बदल दिया है।

विज्ञापन


बेरीनाग गांव से निकल कर अनंतनाग, पुलवामा से श्रीनगर, बारामुला से होते हुए पाकिस्तान के बीच सदियों से बेहद खामोशी से बहने वाली झेलम नदी इस बार हजारों लोगों की जिंदगी और लाखों लोगों के भविष्य के सपने पलक झपकते ही लील गई। किसी के लिए महज ले देकर अपना मकान बचा है, तो किसी के पास उसका भी आसरा नहीं है।

विज्ञापन

जन्नत में सड़ी-गली लाशों से उठती दुर्गंध

flood victims scared of coming cold weather

सेबों के बाग, व्यापार का जरिया, रोजी रोटी का आसरा, सब कुछ खत्म हो गया है। धरती की जन्नत कहे जाने वाले कश्मीर में जगह-जगह बिखरी लोगों व पशुओं की सड़ी-गली लाशों से उठती दुर्गंध और लोगों के दिल दहला देने वाले रुदन से फिजां तारी है। हां, पैदा होते ही हमेशा पुलिस को देखते रहने की आदी जनता को अब इनके चेहरे नजर नहीं आते।

बहरहाल सब कुछ गंवा कर नसीब के सहारे जिंदा बच गए लोगों को एक महीने बाद शुरू होने वाली भीषण सर्दी और ठहरे पानी से पैदा होने वाली बीमारियों का खौफ अभी से सता रहा है। इस विभिषका में जान की बाजी लगाने वाले गुमनाम लोग गुमनाम ही रह जाने वाले हैं। बहरहाल अब बाढ़ से बुरी तरह उजड़ चुके धरती के स्वर्ग में जिंदा बच गए लोगों को बचाने की जरूरत है।

फिलहाल बड़ी समस्या जल भराव के कारण महामारी फैलने का खतरा है। फिलहाल धरती का स्वर्ग मलबे का ढेर बना है। सवाल लाजिमी है कि क्या कश्मीर मलबे के ढेर से बाहर आ कर एक बार फिर धरती का स्वर्ग बनेगा?

पानी चढ़ते ही डूब गई राज्य सरकार

flood victims scared of coming cold weather

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनका महकमा तो बाढ़ का पानी चढ़ते ही लोगों से पहले ही डूब गए हैं। महज फोटो खिंचवाने के लिए हेलीकाप्टर से ब्रेड का टुकड़ा फेंकते मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सियासी चेहरे के साथ ही लोगों को बचाने के बहाने प्रचार पाने की केंद्र सरकार की सियासी भूख भी साफ दिखाई दी।

अभी जिंदा है इंसानियत

बीते करीब एक हफ्ते से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए कई बार कई वाकयों ने इंसानियत के जिंदा रहने का अहसास भी कराया। घाटी में धर्म की दीवारें तोड़ कर मदद के लिए बढ़े हाथ के ढेरों नजारे भी सामने आए। मसलन कश्मीर के एमएफ हुसैन कहे जाने वाले और मछली पकड़ने के शौकीन पेंटर मसूद हुसैन ने अपनी मछली पकड़ने वाली नाव से अपने उन पड़ोसियों को बाहर निकाला जो दूसरे धर्म के थे।

(हिमांशु मिश्र से विशेष बातचीत)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed