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बारिश से झेलम पूरे उफान पर, कश्मीर में बाढ़ का भारी खतरा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

Sun, 01 Jul 2018 05:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 01 Jul 2018 05:44 AM IST
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flood alert in kashmir and school and college were closed
flood

कश्मीर घाटी में पिछले तीन दिनों से लगातार हुई बारिश से झेलम नदी उफान पर है। इससे मध्य व दक्षिणी कश्मीर में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए नदी-नालों के किनारे पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से मौसम में सुधार होने की उम्मीद है।

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झेलम नदी के बिल्कुल किनारे बसे कई इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया है। इन इलाकों में पुलिस और फ्लड कंट्रोल विभाग, एसडीआरएफ  की टीम राहत कार्यों में जुट गई हैं। इन इलाकों से नाव के सहारे फंसे लोगों को निकाला गया। नदी के बांधों को रेत के बैग से प्लग किया गया ताकि पानी बांध को ना तोड़ सके। श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र पांपोर और संगम इलाके में भी बांध में दरार पड़ने से पानी सड़कों पर आ गया जिसे तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीमों ने प्लग कर दिया। हाइवे पर कुछ जगहों पर पानी भर जाने से ट्रैफिक को नए बाईपास से डायवर्ट किया गया है।
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इस बीच राजयपाल ने भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने कई राहत केंद्रों और कंट्रोल रूम की स्थापना भी की है। लोगों से कहा गया है कि घबराएं नहीं बल्कि सतर्क रहें। बाढ़ की स्थिति को देख प्रशासन ने कश्मीर घाटी के सभी स्कूल और कॉलेजों को एहतियातन एक दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया गया। फ्लड कंट्रोल विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर उन्हें काम पर आने के आदेश दे दिए गए।
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करीब 17 एसडीआरएफ और 2 एनडीआरएफ  की टीमों को तैयार रखा गया है। इसके अलावा सभी सुरक्षा एजेंसियों को भी तैयार रहने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें बुलाया जाए। इस बीच सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के चीफ इंजीनियर एम एम शाहनवाज ने बताया कि खतरे के निशान से ऊपर बह रही झेलम को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी कर ली गई है। नदी के आस पास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। दरअसल मध्य कश्मीर में झेलम में खतरे का निशान 18 फीट है। यहां जलस्तर 20.93 फीट था। दक्षिणी कश्मीर में खतरे का निशान 21 फीट से दो फीट ऊपर 23 फीट पर झेलम बह रही थी। 


मौसम विभाग के मुताबिक हालत 2014 जैसे नहीं है मगर बारिश जरूर ज्यादा हुई है। विभाग के एक अधिकारी के अनुसार जमीन गीली है। लोगों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि भूस्खलन की संभावना है। इस बीच अमरनाथ यात्रियों को भी अगले 24 घंटों तक नहीं जाना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर असर पड़ सकता है।

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