भारत-पाक फ्लैग मीटिंग, नहीं दिए सवालों के जवाब
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सीमा पर पाकिस्तान द्वारा लगातार की जा रही फायरिंग के बीच आज भारत-पाकिस्तान के बीच फिर फ्लैग मीटिंग हुई। यह अब तक की सबसे लंबी फ्लैग मीटिंग बताई जा रही है। शाम 04:35 बजे शुरू हुई मीटिंग रात 08:08 बजे तक चली।
पाक रेंजरों और बीएसएफ कमांडरों के बीच हुई इस मीटिंग पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई थीं। सेना और बीएसएफ के कमांर्ड्स का कहना है कि मीटिंग सफल ही है लेकिन वह मीटिंग के बाद मीडिया के सवालों के बचते नजर आए।
पाकिस्तान की तरफ से लगातार जारी फायरिंग के बाद सीमा पर जहां जबरदस्त तनाव की स्थिति बनी हुई है, वहीं देश की अंदरुनी राजनीति भी इसको लेकर गर्मा गई है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व तीन दिन पहले हुई फ्लैग मीटिंग बिना किसी ठोस नतीजे पर पहुंचे ही समाप्त हो गई थी। माना जा रहा था कि पाक अधिकारियों के अडियल रवैये के कारण मीटिंग में फायरिंग मामले पर कोई हल नहीं निकल सका था।
फ्लैग मीटिंग में ये मुद्दे उठाए गए
मीटिंग में भारतीय क्षेत्र के इंद्रेश्वर सेक्टर के डीआईजी आरके बुर्ग और पलोड़ा सेक्टर के डीआईजी बीएस कसाना के साथ बीएसएफ के कुछ कामंर्ड्स भी मीटिंग में शामिल हुए। मीटिंग में भारतीय सैनिक और नागरिकों की मौत का मसला जोरदार तरीके से उठाया गया।
इसके साथ ही बार-बार सीज फायर उल्लंघन पर पाकिस्तान का खुलकर विरोध किया गया। मीटिंग के बाद वापस लौटे अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि मीटिंग सफल रही, लेकिन मीडिया के सवालों पर वह चुप्पी साध गए।
फ्लैग मीटिंग से पहले ही पाक की तरफ से गुरुवार और शुक्रवार रात बार्डर पर फायरिंग की कोई घटना नहीं हुई। जिससे मीटिंग के लिए एक सौहार्द्रपूर्ण वातावरण मिला।