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Jammu News: एक कनाल में खेती पर खर्च 2500, मुआवजा मिला 900 रुपये
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संकट में किसान...किसानों के जख्म नहीं भरे, रह गए हरे के हरे
-बीस हजार किसानों को मिली मुआवजे की राहत राशि, शेष कर रहे इंतजार
सतीश वालिया
जम्मू। अगस्त में मूसलाधार बारिश से खेती को हुए नुकसान का मुआवजा किसानों को उम्मीद से बहुत कम मिला है। किसानों को प्रति कनाल मुआवजा 900 रुपये दिया गया है जबकि खेती पर खर्च 2500 से 3 हजार रुपये आया है। इससे किसानों के जख्म हरे के हरे ही रह गए हैं। हालांकि इस बार मुआवजे में 450 रुपये की बढ़ोतरी हुई है मगर किसान इससे खुश नहीं हैं।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने जम्मू, सांबा और उधमपुर जिले के किसानों को मुआवजा दिया है। अभी अन्य जिलों में मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। इन तीनों जिलों में सर्वाधिक नुकसान हुआ था। किसानों ने बिजाई पर कुल खर्च के हिसाब से मुआवजा मांगा था। किसानों का कहना है कि बारिश-बाढ़ से 53 हजार हेक्टेयर भूमि में मलबा आ गया। इस कारण खेती करना मुश्किल है। सरकार से उम्मीद थी कि नुकसान के हिसाब से मुआवजा मिलेगा मगर बहुत कम मिला है। 2023 और 2024 में तूफान से प्रभावित फसलों का मुआवजा 30 फीसदी किसानों को मिल पाया है। बाकी 70 प्रतिशत किसान अभी भी मुआवजा मिलने की उम्मीद में बैठे हैं। अब करीब 20 हजार किसानों को 900 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा दिया गया है।
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किसानों को 68.83 करोड़ का नुकसान
-कृषि भूमि बहने से 4.951 करोड़ का नुकसान
-फसल बर्बाद होेने से नुकसान 56.319 करोड़
-मलबा में फसलें दबने से 7.568 रुपये का नुकसान
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एक लाख हेक्टेयर भूमि में खेती कर सकते हैं किसान
किसान नवंबर में एक लाख हेक्टेयर भूमि में खेती कर सकते हैं। इसके लिए सरसों व दाल का बीज कृषि विभाग की ओर से मुफ्त मुहैया करवा दिया गया है। गेहूं का बीज सब्सिडी पर दिया जाएगा। 53 हजार हेक्टेयर में अभी मलबा खेतों में पड़ा है।
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मुआवजा राशि बढ़ाकर देनी चाहिए : खजूरिया
किसान एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य कुलभूषण खजूरिया ने कहा कि मुआवजा प्रति कनाल नौ सौ रुपये मिला है जबकि प्रति कनाल खेती पर खर्च 25 सौ रुपये से तीन हजार रुपये तक आया है। इसलिए मुआवजा राशि बढ़ाकर दी जानी चाहिए। बादल फटने और मूसलाधार बारिश से किसानों की कमर टूटी है। उधर, जेएंडके किसान काउंसिल के अध्यक्ष तजिंद्र सिंह बजीर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसान बर्बाद हुए हैं। मुआवजा 2500 रुपये तक मिलना चाहिए था।
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कोट
किसानों को पहली किश्त जारी की गई है। सिफारिशें की गई थीं कि नुकसान के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। अभी अन्य किसानों को किश्तें जारी की जानी है। किसानों को राहत दी जा रही है।
- अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग
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-बीस हजार किसानों को मिली मुआवजे की राहत राशि, शेष कर रहे इंतजार
सतीश वालिया
जम्मू। अगस्त में मूसलाधार बारिश से खेती को हुए नुकसान का मुआवजा किसानों को उम्मीद से बहुत कम मिला है। किसानों को प्रति कनाल मुआवजा 900 रुपये दिया गया है जबकि खेती पर खर्च 2500 से 3 हजार रुपये आया है। इससे किसानों के जख्म हरे के हरे ही रह गए हैं। हालांकि इस बार मुआवजे में 450 रुपये की बढ़ोतरी हुई है मगर किसान इससे खुश नहीं हैं।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने जम्मू, सांबा और उधमपुर जिले के किसानों को मुआवजा दिया है। अभी अन्य जिलों में मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। इन तीनों जिलों में सर्वाधिक नुकसान हुआ था। किसानों ने बिजाई पर कुल खर्च के हिसाब से मुआवजा मांगा था। किसानों का कहना है कि बारिश-बाढ़ से 53 हजार हेक्टेयर भूमि में मलबा आ गया। इस कारण खेती करना मुश्किल है। सरकार से उम्मीद थी कि नुकसान के हिसाब से मुआवजा मिलेगा मगर बहुत कम मिला है। 2023 और 2024 में तूफान से प्रभावित फसलों का मुआवजा 30 फीसदी किसानों को मिल पाया है। बाकी 70 प्रतिशत किसान अभी भी मुआवजा मिलने की उम्मीद में बैठे हैं। अब करीब 20 हजार किसानों को 900 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा दिया गया है।
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किसानों को 68.83 करोड़ का नुकसान
-कृषि भूमि बहने से 4.951 करोड़ का नुकसान
-फसल बर्बाद होेने से नुकसान 56.319 करोड़
-मलबा में फसलें दबने से 7.568 रुपये का नुकसान
एक लाख हेक्टेयर भूमि में खेती कर सकते हैं किसान
किसान नवंबर में एक लाख हेक्टेयर भूमि में खेती कर सकते हैं। इसके लिए सरसों व दाल का बीज कृषि विभाग की ओर से मुफ्त मुहैया करवा दिया गया है। गेहूं का बीज सब्सिडी पर दिया जाएगा। 53 हजार हेक्टेयर में अभी मलबा खेतों में पड़ा है।
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मुआवजा राशि बढ़ाकर देनी चाहिए : खजूरिया
किसान एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य कुलभूषण खजूरिया ने कहा कि मुआवजा प्रति कनाल नौ सौ रुपये मिला है जबकि प्रति कनाल खेती पर खर्च 25 सौ रुपये से तीन हजार रुपये तक आया है। इसलिए मुआवजा राशि बढ़ाकर दी जानी चाहिए। बादल फटने और मूसलाधार बारिश से किसानों की कमर टूटी है। उधर, जेएंडके किसान काउंसिल के अध्यक्ष तजिंद्र सिंह बजीर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसान बर्बाद हुए हैं। मुआवजा 2500 रुपये तक मिलना चाहिए था।
कोट
किसानों को पहली किश्त जारी की गई है। सिफारिशें की गई थीं कि नुकसान के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। अभी अन्य किसानों को किश्तें जारी की जानी है। किसानों को राहत दी जा रही है।
- अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग