जम्मू-कश्मीर : आईबी पर तारबंदी पार दो दशक बाद खुद खेती करेंगे किसान, प्रशासन देगा सुरक्षा और सुविधा
16 गांवों के 500 किसान पाकिस्तानी गोलाबारी के डर से बंजर पड़े खेतों में अब लहराएंगे फसल।
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भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के पार दो दशक के लंबे इंतजार के बाद किसान अब खुद खेती करेंगे। बीते साल किसानों को प्रेरित करने के लिए बीएसएफ और प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच मनियारी में फसल लगाई थी। इस पहल के बाद अब किसान वर्तमान रबी सीजन की बीजाई करेंगे। 16 गांवों के 500 किसानों को पर्याप्त सुरक्षा भी दी जाएगी।
सरहदी गांवों के किसानों के लिए यह उनकी जमीन वापस मिलने जैसा है। तारबंदी के पार वह जमीन को बंजर होते देख रहे थे। गोलाबारी में जहां उन्हें तारबंदी पार जाने पर पाकिस्तानी रेंजरों के निशाने में आने का भय रहता था, वहीं सुरक्षा दृष्टि से बीएसएफ भी किसानों को आगे नहीं जाने देती थी।
जिला उपायुक्त राहुल यादव ने बताया कि तारबंदी के आगे खेती कराने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें राजस्व, कृषि विभाग के अधिकारी, स्थानीय किसान और बीएसएफ के अधिकारी शामिल रहेंगे। खेती को लेकर समस्या के त्वरित समाधान के लिए तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा वह स्वयं नियमित रूप से इसकी समीक्षा करते रहेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि यहां के किसान अपने खेतों में जाकर खेती करें। इसके लिए उन्हें सुरक्षा से लेकर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
तारबंदी पार सुरक्षित माहौल में किसानों को उनके खेत लौटाने का चुनाव में वायदा किया था। खुशी की बात है कि यह वायदा पूरा होने जा रहा है। सीमावर्ती किसानों की इस बड़ी दिक्कत से राज्यपाल शासन लगने के बाद ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी अवगत करवाया गया। वे गृह मंत्रालय के आभारी हैं।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री
उपमंडल के अधीन आईबी पर तारबंदी के आगे भूमि की स्थिति
- कुल जमीन 6233 कनाल 05 मरला
- निजी 3507 कनाल 01 मरला
- स्टेट लैंड 2632 कनाल 13 मरला
- कस्टोडियन 93 कनाल 11 मरला
तारबंदी के आगे किस गांव की कितनी भूमि
- मादा 97 कनाल 13 मरला
- पहाड़पुर 46 कनाल 06 मरला
- चक भोलां 7 कनाल 03 मरला
- गुजनाल 97 कनाल 08 मरला
- मनयारी 155 कनाल 17 मरला
- कडयाला 22 कनाल 15 मरला
- पानसर 238 कनाल 17 मरला
- रठुआ 48 कनाल 13 मरला
- ठगली 245 कनाल 01 मरला
- छन्न टांडा 98 कनाल 09 मरला
- चक चंगा 1345 कनाल 12 मरला
- करोल माथुरयां 647 कनाल 02 मरला
- करोल कृष्णा 225 कनाल 05 मरला
- भाट्टी मेरु 237 कनाल 18 मरला
- बोबिया 2009 कनाल 11 मरला
- लौंडी 618 कनाल 19 मरला
नए सिरे से निशानदेही और पहली जोताई प्रशासन करेगा
आईबी पर तारबंदी के आगे की भूमि की नए सिरे से निशानदेही के लिए प्रशासन तैयार हो गया है। वहीं बंजर पड़ी भूमि पर दो दशक बाद पहली जोताई प्रशासन करवाएगा। रविवार को आईबी पर छन्न टांडा में बीएसएफ की चांदमा पोस्ट पर बैठक का आयोजन किया गया जिसमें जिला उपायुक्त राहुल यादव, कृषि विभाग के अधिकारी, बीएसएफ के अधिकारी और कुछ स्थानीय किसान मौजूद रहे।
किसानों ने निशानदेही की मांग रखी, जिस पर जिला उपायुक्त ने कार्यवाही का भरोसा दिलाया। जिला उपायुक्त ने कहा कि पिछले वर्ष बीएसएफ और प्रशासन ने कुछ भूमि पर गेहूं की फसल बोई थी। जिसकी पैदावार भी अच्छी हुई। पहली जोताई प्रशासन करवाएगा ताकि खेती करना आसान हो जाए।
करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में कुछ किसानों ने खेती करने के लिए अपने नाम भी दर्ज कराए। बैठक में एसडीएम राकेश शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी विजय उपाध्याय, प्रभारी मुख्य कृषि अधिकारी राजू महाजन, किसानों बीएसएफ अधिकारी मौजूद रहे।