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Jammu News: बिगड़े मौसम के चलते किसानों की चिंता बरकरार
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अरनिया क्षेत्र में धूप और बादलों में चलती रही हावी होने की होड़
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। क्षेत्र में शनिवार को धूप और बादलों के बीच द्वंद्व जारी रहा। इसके चलते किसान चिंतित रहे। कुछ दिनों में अरनिया क्षेत्र में गेहूं की फसल कटने के लिए तैयार हो जाएगी। वहीं, दूसरी ओर मौसम का निरंतर खराब होना किसानों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। शनिवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, और बीच-बीच में धूप निकल रही थी। शाम को तेज हवाएं चलने लगीं।
बॉर्डर क्षेत्र के कुछ इलाकों में फसल की कटाई एडवांस शुरू कर दी गई है, क्योंकि किसान अपनी फसल को मौसम की भेंट नहीं चढ़ाना चाहते। लेकिन, जिन क्षेत्रों में फसल अभी हफ्ते भर में तैयार होगी, वहां किसान हाथ जोड़कर बारिश न होने की प्रार्थना कर रहे हैं। अप्रैल माह में ठंड का एहसास होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मौसम फसलों के विपरीत चल रहा है। क्योंकि, इन दिनों में लू चलना शुरू हो जाती थी, जिससे फसल पक कर तैयार हो जाती। इस समय किसान कटाई में व्यस्त होते थे।
दूसरी ओर 3 से 4 दिनों में मौसम बादलों वाला हो गया है, और बीच में बूंदाबांदी भी हो रही है। इसके चलते सब्जियों की फसल पर फिर से आफत मंडरा रही है। सब्जी उगाने वाले किसानों का कहना है कि अगर मौसम दो से तीन दिन और ऐसा ही रहता है तो सब्जियां बिल्कुल बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगी। इस समय खेतों में टमाटर, खीरा, लौकी, तरबूज, भिंडी, बैंगन, करेला और अन्य सब्जियां तोड़कर मंडी भेजी जा रही हैं। किसानों के अनुसार अगर मौसम खराब रहता है तो सब्जियों की फसल को मार लग सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। क्षेत्र में शनिवार को धूप और बादलों के बीच द्वंद्व जारी रहा। इसके चलते किसान चिंतित रहे। कुछ दिनों में अरनिया क्षेत्र में गेहूं की फसल कटने के लिए तैयार हो जाएगी। वहीं, दूसरी ओर मौसम का निरंतर खराब होना किसानों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। शनिवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, और बीच-बीच में धूप निकल रही थी। शाम को तेज हवाएं चलने लगीं।
बॉर्डर क्षेत्र के कुछ इलाकों में फसल की कटाई एडवांस शुरू कर दी गई है, क्योंकि किसान अपनी फसल को मौसम की भेंट नहीं चढ़ाना चाहते। लेकिन, जिन क्षेत्रों में फसल अभी हफ्ते भर में तैयार होगी, वहां किसान हाथ जोड़कर बारिश न होने की प्रार्थना कर रहे हैं। अप्रैल माह में ठंड का एहसास होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मौसम फसलों के विपरीत चल रहा है। क्योंकि, इन दिनों में लू चलना शुरू हो जाती थी, जिससे फसल पक कर तैयार हो जाती। इस समय किसान कटाई में व्यस्त होते थे।
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दूसरी ओर 3 से 4 दिनों में मौसम बादलों वाला हो गया है, और बीच में बूंदाबांदी भी हो रही है। इसके चलते सब्जियों की फसल पर फिर से आफत मंडरा रही है। सब्जी उगाने वाले किसानों का कहना है कि अगर मौसम दो से तीन दिन और ऐसा ही रहता है तो सब्जियां बिल्कुल बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगी। इस समय खेतों में टमाटर, खीरा, लौकी, तरबूज, भिंडी, बैंगन, करेला और अन्य सब्जियां तोड़कर मंडी भेजी जा रही हैं। किसानों के अनुसार अगर मौसम खराब रहता है तो सब्जियों की फसल को मार लग सकती है।
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