Budget 2021: किसानों ने सराहा, किसान सभाओं ने कहा नाकाफी है बजट
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बजट किसानों के लिए राहत भरा रहा है। इसमें किसानाें का खास ख्याल रखा गया है। किसानों को कर्ज के लिए 16 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे। किसान कर्ज लेकर आधुनिक तकनीक से खेती कर सकेंगे। इससे पहले बजट में किसानों को कम बजट दिया जाता था। इस कारण किसान आज भी प्रदेश में पुराने तरीके से ही खेती कर रहे हैं। एग्रीकल्चर इंफ्रास्टक्चर फंड का भी ऐलान किया गया है। वहीं, किसान सभाओं की ओर से बजट को नाकाफी बताया गया है। आय दोगुनी करने के नाम पर तर्क रहा है कि बीते तीन सालों से नेता यही बोल रहे हैं मगर प्रदेश में आय दोगुनी नहीं हो पाई है। इस बार का बजट भी किसानों के लिए निराशा लेकर आया है।
जब तक स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू नहीं हो होती है, तब तक किसानों के हित सुरक्षित नहीं है। इसमें फसलों को बेचने पर 2700 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए। इससे किसान लाभ कमा सकेंगे और आय भी दोगुनी हो सकेगी। किसानों के लिए पे कमीशन का गठन होना चाहिए। पेट्रोल-डीजल में सब्सिडी देना सराहनीय कदम है। -कुलभूषण सिंह, अध्यक्ष, जेएंडके एग्री इंटर प्रीमियर डेवलपमेंट एसोसिएशन
केसर मिशन की तर्ज पर बासमती मिशन बनाया जाए। इससे अतिरिक्त बजट मिलेगा और किसानों की आय में इजाफा होगा। इस बार किसानों को कर्ज के लिए बजट स्वीकृत कर राहत दी गई है। इससे किसान कर्ज लेकर आधुनिक तकनीक से खेती करने की ओर बढे़ंगे। बजट से किसानों को कुछ हद तक लाभ होगा। -राजेश बिट्टू, अध्यक्ष, जेएंडके किसान काउंसिंल
इस बार के बजट से उम्मीद जगी है। हर बार बजट से निराशा ही मिलती थी। केंद्र सरकार ने आय दोगुनी करने के उद्देश्य से बजट पारित किया है। किसानों को लाभ मिलेगा। -प्रकाश चंद चौधरी, सांबा
धान खरीद का आंकड़ा इस बार बढ़ा है। मौजूदा समय में एक लाख 72 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा है। अब कर्ज सुविधा मिलने के कारण पैदावार में और इजाफा होगा। -नरोत्तम सिंह, अखनूर