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Jammu News: फूलों की खेती से महका महिला किसानों का जीवन
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सांबा। सरकारी योजनाओं का महिलाएं भी लाभ उठा रही हैं। कृषि व फ्लोरीकल्चर विभाग की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को खेती के करने बारे में जागरूक किया जा रहा है।
जिले के सीमावर्ती गांव सारथी की महिला वंदना ने बताया कि उन्होंने चार कनाल फूलों की खेती की है। ढेरा और पालूरा में भी महिलाओं की ओर से फूलों की खेती की जा रही है। उनके अनुसार तीन महीने तक एक फसल चलती है। उसके बाद नई फसल लगाई जाती है। वे तीन महिलाएं हैं, जो फूलों को चीची माता मंदिर, सांबा व घगवाल के नृसिंह मंदिर में बेचती हैं। कुछ लोग उनसे खेत से भी खरीद कर ले जाते हैं। नवरात्र के दिनों के लिए फूलों के खेत पहले से रख दिए जाते हैं क्योंकि नवरात्र में अच्छा दाम मिल जाता है। नवरात्र के दिनों में 100 से लेकर 150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल जाते हैं। आम दिनों में 50 रुपये से 60 रुपये तक दाम मिल जाते हैं। इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है। वहीं विभाग की ओर से उन्हें एक हजार रुपये पर कनाल के हिसाब से बुआई का खर्च भी दिया जाता है। हाई ब्रीड के लिए 2500 रुपये मिलते हैं। एक कनाल से पांच क्विंटल से सात क्विंटल फूल की पैदावार हो जाती है।
बाक्स
फ्लोरीकल्चर विभाग महिला किसानों को फूल की खेती के लिए जागरूक करता आ रहा है। इस समय जिले में 80 किसान फूलों की खेती के साथ जुड़े हैं। इनमें 20 के करीब महिलाएं हैं, जो इस कारोबार से अपने परिवार चला रही हैं। वे एक कनाल से 20 कनाल तक फूलों की खेती कर रही हैं।
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-मोहिंदर सिंह जिला अधिकारी
फ्लोरीकल्चर विभाग सांबा
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जिले के सीमावर्ती गांव सारथी की महिला वंदना ने बताया कि उन्होंने चार कनाल फूलों की खेती की है। ढेरा और पालूरा में भी महिलाओं की ओर से फूलों की खेती की जा रही है। उनके अनुसार तीन महीने तक एक फसल चलती है। उसके बाद नई फसल लगाई जाती है। वे तीन महिलाएं हैं, जो फूलों को चीची माता मंदिर, सांबा व घगवाल के नृसिंह मंदिर में बेचती हैं। कुछ लोग उनसे खेत से भी खरीद कर ले जाते हैं। नवरात्र के दिनों के लिए फूलों के खेत पहले से रख दिए जाते हैं क्योंकि नवरात्र में अच्छा दाम मिल जाता है। नवरात्र के दिनों में 100 से लेकर 150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल जाते हैं। आम दिनों में 50 रुपये से 60 रुपये तक दाम मिल जाते हैं। इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है। वहीं विभाग की ओर से उन्हें एक हजार रुपये पर कनाल के हिसाब से बुआई का खर्च भी दिया जाता है। हाई ब्रीड के लिए 2500 रुपये मिलते हैं। एक कनाल से पांच क्विंटल से सात क्विंटल फूल की पैदावार हो जाती है।
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फ्लोरीकल्चर विभाग महिला किसानों को फूल की खेती के लिए जागरूक करता आ रहा है। इस समय जिले में 80 किसान फूलों की खेती के साथ जुड़े हैं। इनमें 20 के करीब महिलाएं हैं, जो इस कारोबार से अपने परिवार चला रही हैं। वे एक कनाल से 20 कनाल तक फूलों की खेती कर रही हैं।
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-मोहिंदर सिंह जिला अधिकारी
फ्लोरीकल्चर विभाग सांबा