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जम्मू विश्वविद्यालय में जल्द खुलेगा हिंदी निदेशालय
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जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय में जल्द ही हिंदी निदेशालय खुलेगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। बीते वर्ष यूजीसी ने जम्मू विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर यूनिवर्सिटी में हिंदी निदेशालय खोलने के लिए कहा था। जम्मू-कश्मीर में हिन्दी का प्रचार-प्रसार करने और भारत की सम्पर्क भाषा के रूप में इसका विकास करने के लिए हिन्दी निदेशालय का खुलना एक बड़ा कदम होगा। वहीं विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
निदेशालय की ओर से बहुत सी योजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी। इसमें हिन्दी में डिप्लोमा पाठ्यक्रम, एक भाषा में/द्विभाषी, त्रिभाषी और बहुभाषी शब्दकोशों के प्रकाशन की योजना, सर्टिफिकेट कोर्स, शार्ट टर्म कोर्स, दूसरी भाषाओं से अनुवाद करने के लिए कोर्स आदि योजनाएं शामिल होंगी। जेयू के हिंदी विभाग की प्रो. नीलम सराफ ने बताया कि करीब सात-आठ साल पहले यूनिवर्सिटी में अकसर विदेशी विद्यार्थी विभाग आया करते थे। वह हिंदी सीखने की मांग करते थे, पर उस समय हमारे पास इसकी सुविधा नहीं थी। हिंदी निदेशालय स्थापित होने के बाद अब कोई भी हिंदी सीखने से वंचित नहीं रह सकता।
काउंसिल की बैठक में उठा था मुद्दा
सराफ ने बताया कि यूनिवर्सिटी की काउंसिल की बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया था और इस पर चर्चा की गई। जल्द ही हिंदी निदेशालय स्थापित होगा। इसके लिए सभी तैयारी पूरी हो चुकी है। प्रो. नीलम सराफ के अनुसार हिंदी निदेशालय खुलने से काफी फायदा होगा। हिंदी भाषा को जानने और सीखन वाले लोगों को छोटे-छोटे कोर्स कम समय में करने का अवसर मिलेगा।
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निदेशालय की ओर से बहुत सी योजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी। इसमें हिन्दी में डिप्लोमा पाठ्यक्रम, एक भाषा में/द्विभाषी, त्रिभाषी और बहुभाषी शब्दकोशों के प्रकाशन की योजना, सर्टिफिकेट कोर्स, शार्ट टर्म कोर्स, दूसरी भाषाओं से अनुवाद करने के लिए कोर्स आदि योजनाएं शामिल होंगी। जेयू के हिंदी विभाग की प्रो. नीलम सराफ ने बताया कि करीब सात-आठ साल पहले यूनिवर्सिटी में अकसर विदेशी विद्यार्थी विभाग आया करते थे। वह हिंदी सीखने की मांग करते थे, पर उस समय हमारे पास इसकी सुविधा नहीं थी। हिंदी निदेशालय स्थापित होने के बाद अब कोई भी हिंदी सीखने से वंचित नहीं रह सकता।
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काउंसिल की बैठक में उठा था मुद्दा
सराफ ने बताया कि यूनिवर्सिटी की काउंसिल की बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया था और इस पर चर्चा की गई। जल्द ही हिंदी निदेशालय स्थापित होगा। इसके लिए सभी तैयारी पूरी हो चुकी है। प्रो. नीलम सराफ के अनुसार हिंदी निदेशालय खुलने से काफी फायदा होगा। हिंदी भाषा को जानने और सीखन वाले लोगों को छोटे-छोटे कोर्स कम समय में करने का अवसर मिलेगा।
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