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Jammu News: ग्राहकों की भीड़ देख दिव्यांग कारोबारियों के चमके चेहरे
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर स्थित गुलशन ग्राउंड दिव्य कला मेले में बुधवार को काफी संख्या में लोग खरीदारी करते नजर आए। वहीं, ग्राहकों की भीड़ देख दिव्यांग कारोबारियों के चेहरे पर रौनक आ गई। मेले में लगे मोबाइल फोन सामान, गृह सज्जा कालीन व ड्राईफ्रूट के स्टॉलों पर दिनभर खूब बिक्री हुई।
दिव्य कला मेले में दिव्यांग शिल्पकारों एवं दस्तकारों के स्वदेशी उत्पादों के बिक्री में काफी इजाफा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के भदोही के इश्तियाक अहमद ने कहा कि 45 प्रतिशत दिव्यांग हूं। कालीन कारोबार से जुड़ा हूं।
आज इस मुकाम पर पहुंच गया हूं कि राज्य स्तर पर सामान बेचकर पैसा कमा रहा हूं। बांदीपोरा की नसीमा बेगम ने कहा कि गलत दवा के संक्रमण से पोलियो का शिकार हो गई। 60 प्रतिशत दिव्यांग हूं।
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बैंक से कर्ज लेकर ड्राईफ्रूट के कारोबार की शुरुआत की। करीब 14 साल से ड्राईफ्रूट का काम कर रही हूं। लगभग 50 से 60 हजार रुपये कमा लेती हूं और चार से पांच लोगों को इसके जरिये मदद कर रही हू्ं।
कड़कड़डूमा दिल्ली के अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि 82 प्रतिशत दिव्यांग हूं। पांच साल से मोबाइल सामान का काम कर रहा हूं। स्टालों के माध्यम से सामानों को बेच रहा हूं। इस काम से लगभग तीन से चार लाख रुपये कमा लेता हूं। हमारे इस काम से 10 दिव्यांग जनों को मदद मिल रही है।
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जम्मू। शहर स्थित गुलशन ग्राउंड दिव्य कला मेले में बुधवार को काफी संख्या में लोग खरीदारी करते नजर आए। वहीं, ग्राहकों की भीड़ देख दिव्यांग कारोबारियों के चेहरे पर रौनक आ गई। मेले में लगे मोबाइल फोन सामान, गृह सज्जा कालीन व ड्राईफ्रूट के स्टॉलों पर दिनभर खूब बिक्री हुई।
दिव्य कला मेले में दिव्यांग शिल्पकारों एवं दस्तकारों के स्वदेशी उत्पादों के बिक्री में काफी इजाफा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के भदोही के इश्तियाक अहमद ने कहा कि 45 प्रतिशत दिव्यांग हूं। कालीन कारोबार से जुड़ा हूं।
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आज इस मुकाम पर पहुंच गया हूं कि राज्य स्तर पर सामान बेचकर पैसा कमा रहा हूं। बांदीपोरा की नसीमा बेगम ने कहा कि गलत दवा के संक्रमण से पोलियो का शिकार हो गई। 60 प्रतिशत दिव्यांग हूं।
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बैंक से कर्ज लेकर ड्राईफ्रूट के कारोबार की शुरुआत की। करीब 14 साल से ड्राईफ्रूट का काम कर रही हूं। लगभग 50 से 60 हजार रुपये कमा लेती हूं और चार से पांच लोगों को इसके जरिये मदद कर रही हू्ं।
कड़कड़डूमा दिल्ली के अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि 82 प्रतिशत दिव्यांग हूं। पांच साल से मोबाइल सामान का काम कर रहा हूं। स्टालों के माध्यम से सामानों को बेच रहा हूं। इस काम से लगभग तीन से चार लाख रुपये कमा लेता हूं। हमारे इस काम से 10 दिव्यांग जनों को मदद मिल रही है।