फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   eyes were waiting for loved ones

अपनों के इंतजार में पथरा रहीं आंखें

Fri, 12 Sep 2014 02:11 PM IST
Updated Fri, 12 Sep 2014 02:11 PM IST
विज्ञापन
eyes were waiting for loved ones

आरएस पुरा के गांव बनोटा के निवासी रामाकांत ने बड़ी ही फरियादी आवाज में एयरफोर्स स्टेशन से बाहर आती एक महिला को कहा मैडम जी मेरे भी परिवार के बारे में पूछ दो।

विज्ञापन


उनका दामाद अशोक थापा सचिवालय में कार्यरत है जो अपनी पत्नी अनुराधा और तीन वर्ष की बेटी के साथ श्रीनगर में ही फंसा हुआ है। दामाद और बेटी के साथ कोई संपर्क नहीं हो पाने से परेशान रामाकांत कुमार एयरफोर्स स्टेशन के अन्दर जाने वाले और बाहर आने वाले हर इंसान से अपने परिवार के बारे में जानकारी लेने की कोशिश में जुटे हुये हैं।
विज्ञापन


रामाकांत ने बताया कि वह सोमवार से नियमित तौर पर यहां आ रहे हैं। लेकिन उन्हें कहीं से कोई जानकारी नहीं मिल रही है।

घाटी में फंसे अपनों के इंतजार में बेहाल हुए लोग

eyes were waiting for loved ones

दिल में अपनों के सकुशल लौटने की उम्मीद में उनकी आंखें पथरा गई हैं। होठों पर एक ही सवाल...पता करवा दो कि मेरे परिवार वाले कब आएंगे। एयरफोर्स स्टेशन के गेट के बाहर कई लोग अपनों की बाट जोह रहे हैं।


जैसे ही आकाश में जहाज उड़ता देखते हैं, उनकी सारी उम्मीदें प्रबल हो जाती हैं। लेकिन अपनों को लौटता नहीं देख आंखों में आंसू रह रहकर सैलाब बनकर उमड़ रहे थे। गुजरात के रहने वाले दीपक का पूरा परिवार बटमालू में फंसा हुआ है।

माता-पिता, पत्नी संध्या और उसकी अठारह महीने की बच्ची की कोई खबर नहीं है। दीपक कहता है कि सात अगस्त को परिवार के साथ कुछ सेकंड के लिए बात हुई थी और उनके पास खाना तो दूर पीने के लिए पानी भी नहीं है, बच्ची भी दूध के लिये तरस रही है।

हर आने वाले जहाज पर टिकी रहती हैं निगाहें

eyes were waiting for loved ones

उनके एक अन्य साथी रामदीन के अनुसार उनकी जाति के कम से भी कम पंद्रह सौ लोग घाटी के कानीकदल, बटमालू और करन नगर इलाकों में फंसे हुए हैं। यह लोग पुराने कपड़ों के बदले बर्तन बेचने का काम करते हैं।

पंजाब के रहने वाले प्रेम जी का पूरा परिवार कानीकदल में फंसा हुआ है। उनकी तस्वीरें दिखाते हुए प्रेम जी के न सिर्फ हाथ कांप रहे थे, बल्कि उनकी बूढ़ी आंखों से आंसू भी टपक रहे थे।

हाथों में अपने भाई की तसवीर लिए जानकारी लेने की कोशिश में जुटे सुनील ने बताया कि शनिवार को उसकी बात उसके भाई से हुई थी और अभी तक कोई अता-पता नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed