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सुविधा: अब जम्मू-कश्मीर में कर सकेंगे नेत्रदान, कॉर्नियल प्रत्यारोपण को भी मिली मंजूरी
Thu, 17 Mar 2022 03:27 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 17 Mar 2022 03:27 PM IST
सार
जम्मू मेडिकल कॉलेज में जल्द ही नेत्र बैंक और कॉर्नियल प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू होगी। इसके लिए लाइसेंस मिल गया है। केंद्र शासित प्रदेश बनने से जम्मू-कश्मीर की अस्थायी अनुमति रद्द हो गई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
दृष्टिहीन और आंखों की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू में अब कॉर्नियल प्रत्यारोपण की सुविधा मिल सकेगी। जीएमसी में नेत्र बैंक के साथ कार्नियल प्रत्यारोपण के लिए जरूरी लाइसेंस मिल गया है। इससे अब नेत्रदान भी किया जा सकेगा। वर्तमान में नेत्र बैंक होने के बावजूद यह सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
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स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस), स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के नेत्र विज्ञान विभाग ने जीएमसी जम्मू को नेत्र बैंक, कॉर्नियल प्रत्यारोपण और पुनर्प्राप्ति (रिट्रीवल) सुविधा के लिए मानव अंग अधिनियम और ऊतक अधिनियम 1994 (थोटा) के तहत पांच साल के पंजीकरण को मंजूरी दी है।
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इससे पहले जीएमसी जम्मू को स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू के लाइसेंसिंग प्राधिकरण से अस्थायी पंजीकरण मिला था। विभाग पहले 21 कार्नियल प्रत्यारोपण कर चुका है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद विभाग को राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) जम्मू-कश्मीर के माध्यम से डीजीएचएस नई दिल्ली में नए पंजीकरण के लिए आवेदन करना पड़ा। जीएमसी में अब नेत्रदान के साथ कॉर्नियल प्रत्यारोपण की सुविधा से मरीजों को राहत मिलेगी।
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हाल ही में डीजीएचएस से तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने जीएमसी के नेत्र बैंक, कॉर्नियल प्रत्यारोपण और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया था। वर्तमान में विभाग में 2 से 4 कॉर्निया बाहर से मंगवाकर उसके प्रत्यारोपण की सुविधा दी जा रही थी, लेकिन नेत्र बैंक न होने के कारण प्रत्यारोपण सुविधा के विस्तार नहीं हो पा रहा था। इसमें बाहर से कार्नियल लाकर उसे स्टोर करने की सबसे बड़ी दिक्कत थी। विभाग में नेत्र बैंक के लिए सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की गई हैं। अब प्रत्यारोपण की सुविधा को गति मिलने से मरीजों को इसके लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने नेत्र विज्ञान विभाग के एचओडी डॉ. सतीश गुप्ता, डॉ. शाजिया, डॉ. संजीव पुरी आदि टीम के प्रयासों की सराहना की।