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विशेषज्ञ बोले: जम्मू-कश्मीर में भूकंप के लिए आपदा प्रबंधन को मजबूत करें, बच्चे भी हों जागरूक
Sun, 04 Jul 2021 12:16 PM IST
प्रशांत कुमार
मंगेश कुमार, जम्मू
मंगेश कुमार, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 04 Jul 2021 12:16 PM IST
सार
जम्मू संभाग का रामबन, डोडा, भद्रवाह और राजोरी-पुंछ भूकंप के लिए ज्यादा संवेदनशील है। भूकंप अध्ययन के विशेषज्ञों ने कहा है कि प्रदेश में में हर स्तर पर तैयारी जरूरी है।
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भूकंप
- फोटो : iStock
विस्तार
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जम्मू-कश्मीर में भूवैज्ञानिकों ने आपदा प्रबंधन को मजबूत करने और भूकंप रोधी निर्माण पर जोर दिया है। जम्मू विश्वविद्यालय में भू-विज्ञान विभाग के अध्यक्ष व भूकंप अध्ययन के विशेषज्ञ प्रो. जीएम भट्ट ने कहा कि सरकार को भूकंप की चुनौती पर और गंभीरता दर्शाने की जरूरत है। जम्मू संभाग का रामबन, डोडा, भद्रवाह, किश्तवाड़, पाडर, पुंछ, राजोरी और कठुआ जिले के कुछ हिस्से भूकंप के लिए ज्यादा संवेदनशील हैं। इसके अलावा कश्मीर संभाग के सभी जिले संवेदनशील जोन में हैं। जिन इलाकों में पहले भूकंप आ चुके हैं, वहां भूकंप की आशंका ज्यादा रहती है। ऐसे में भूकंप को लेकर सरकार और आम लोगाें के स्तर पर तैयारी जरूरी है।
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प्रो. जीएम भट्ट ने चेताया कि सिस्मिक जोन 4 और 5 प्रदेश में भूकंप के लिए ज्यादा संवेदनशील हैं। अधिकांश भूकंप प्रदेश के सिस्मिक जोन 4 रामबन, डोडा, भद्रवाह और किश्तवाड़ इत्यादि क्षेत्र में आते हैं। सिस्मिक जोन 5 में बहुत कम भूकंप आए हैं।
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इन परिस्थितियों में सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग को इसके लिए सावधानी का स्तर बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों को भूकंप की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर लगाने चाहिए, ताकि सभी आयु वर्ग के लोग भूकंप की चुनौती का सामना करने में सक्षम बन सकें।
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