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Jammu News: राजबाग के जॉगर्स पार्क में कसरत की मशीनें खराब, उपेक्षा से फिटनेस प्रेमी नाराज
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खराब पड़ीं मशीनें।
श्रीनगर। कभी फिटनेस प्रेमियों और परिवारों के बीच लोकप्रिय रहा श्रीनगर का राजबाग स्थित जॉगर्स पार्क अब खराब रखरखाव और क्षतिग्रस्त उपकरणों के कारण चर्चा में है। पार्क में नियमित आने वाले आगंतुकों ने वर्कआउट मशीनों की जर्जर स्थिति और संबंधित अधिकारियों की उदासीनता पर गहरी नाराजगी जताई है।
आउटडोर फिटनेस के लिए समर्पित पार्क का एक बड़ा हिस्सा उपेक्षित पड़ा है। अधिकांश कसरत मशीनें या तो टूट चुकी हैं या पूरी तरह खराब हो चुकी हैं, जिससे नियमित टहलने और व्यायाम करने वाले लोग अपनी दिनचर्या पूरी नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय निवासी जहूर अहमद बताते हैं, हम हर दिन सुबह दौड़ने आते हैं, लेकिन फिटनेस कॉर्नर महीनों से खराब पड़ा है। अधिकांश मशीनें काम नहीं कर रहीं और कुछ तो जमीन पर गिरी हुई हैं। यह बेहद निराशाजनक है, खासकर तब जब यह पार्क शहर की गिनी-चुनी हरी-भरी जगहों में से एक है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फ्लोरीकल्चर विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। फिटनेस प्रेमी हिलाल अहमद ने बताया, इस पार्क की अनदेखी लंबे समय से हो रही है। बच्चों के झूले को एक साल पहले हटा दिया गया, लेकिन अब तक बदला नहीं गया। ऐसा लगता है जैसे विभाग इस पार्क को भूल गया हो। रोजाना सैकड़ों लोग यहां आते हैं। ऐसे में इसकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। पार्क की केंद्रीय स्थिति और हरियाली इसे खास बनाती है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही इसके आकर्षण को कम कर रही है।
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एक से डेढ़ लाख रुपये की लगी थीं मशीनें : वर्ष 2020 में श्रीनगर के लगभग 75 पार्कों में ओपन जिम प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। प्रत्येक पार्क में औसतन एक से डेढ़ लाख रुपये की लागत से फिटनेस उपकरण लगाए गए थे। इनमें सिट-अप बेंच, ड्यूल शोल्डर व्हील, स्काई स्टेपर, पैडलिंग साइकिल, एयर वॉकर आदि शामिल थे, लेकिन उचित देखरेख के अभाव में अब कई पार्कों की यही हालत है।
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आउटडोर फिटनेस के लिए समर्पित पार्क का एक बड़ा हिस्सा उपेक्षित पड़ा है। अधिकांश कसरत मशीनें या तो टूट चुकी हैं या पूरी तरह खराब हो चुकी हैं, जिससे नियमित टहलने और व्यायाम करने वाले लोग अपनी दिनचर्या पूरी नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय निवासी जहूर अहमद बताते हैं, हम हर दिन सुबह दौड़ने आते हैं, लेकिन फिटनेस कॉर्नर महीनों से खराब पड़ा है। अधिकांश मशीनें काम नहीं कर रहीं और कुछ तो जमीन पर गिरी हुई हैं। यह बेहद निराशाजनक है, खासकर तब जब यह पार्क शहर की गिनी-चुनी हरी-भरी जगहों में से एक है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि फ्लोरीकल्चर विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। फिटनेस प्रेमी हिलाल अहमद ने बताया, इस पार्क की अनदेखी लंबे समय से हो रही है। बच्चों के झूले को एक साल पहले हटा दिया गया, लेकिन अब तक बदला नहीं गया। ऐसा लगता है जैसे विभाग इस पार्क को भूल गया हो। रोजाना सैकड़ों लोग यहां आते हैं। ऐसे में इसकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। पार्क की केंद्रीय स्थिति और हरियाली इसे खास बनाती है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही इसके आकर्षण को कम कर रही है।
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एक से डेढ़ लाख रुपये की लगी थीं मशीनें : वर्ष 2020 में श्रीनगर के लगभग 75 पार्कों में ओपन जिम प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। प्रत्येक पार्क में औसतन एक से डेढ़ लाख रुपये की लागत से फिटनेस उपकरण लगाए गए थे। इनमें सिट-अप बेंच, ड्यूल शोल्डर व्हील, स्काई स्टेपर, पैडलिंग साइकिल, एयर वॉकर आदि शामिल थे, लेकिन उचित देखरेख के अभाव में अब कई पार्कों की यही हालत है।