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सरकार के फैसले से छात्रों पर पड़ेगा बोझ: शिक्षा विशेषज्ञ

Tue, 14 Oct 2014 11:44 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Tue, 14 Oct 2014 11:44 PM IST
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exam cancellation is a bad decision for students in kashmir

कश्मीर में आई भीषण बाढ़ के कारण वार्षिक बोर्ड और अंडर ग्रेजुएट की परीक्षाओं को राज्य सरकार द्वारा मार्च में कराने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से 12वीं कक्षा के अधिकांश छात्र खुश नहीं दिख रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार के इस फैसले से उनका प्रोफेशनल कैरियर प्रभावित हो सकता है और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

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वह छात्र जो एआईईईई, जेईई और सीईटी में भाग लेने की उम्मीद लगाए बैठे थे, अब अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। 12 वीं के छात्र आमिर के अनुसार, उन्हें अपने प्रोफेशनल परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरा समय नहीं मिल पाएगा क्योंकि सरकार द्वारा वार्षिक परीक्षाएं कराने का फैसला मार्च में लिया गया है। जबकि सभी प्रोफेशनल परीक्षाएं अप्रैल के महीने में शुरू हो जाते हैं।
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12वीं की एक और छात्रा राहिला के अनुसार, कश्मीर घाटी में जो बाढ़ आई, उससे केवल श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर ही प्रभावित हुआ था और पूरी घाटी की तुलना में यहां के छात्रों की संख्या केवल 10 प्रतिशत ही है। राहिला ने कहा कि सरकार के फैसले से बाकी के 90 प्रतिशत छात्र प्रभावित हो रहे हैं, जो कि एक गलत फैसला है। इंजीनियरिंग में दाखिला लेने वाले शाहिद के अनुसार, प्रोफेशनल परीक्षाएं जो अप्रैल से शुरू होती हैं, वह तो स्थगित हो नहीं पाएंगी।
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लेकिन उन्हें सरकार के इस फैसले के कारण पिसना पड़ रहा है। अगर सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर इतनी ही गंभीर है कि राज्य सरकार को केंद्र से बात कर प्रोफेशनल परीक्षाओं को स्थगित कराने की गुहार लगानी चाहिए। वहीं शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से छात्रों पर काफी बोझ पड़ेगा। सरकार को अपने फैसले पर फिर से गौर करना चाहिए।


विशेषज्ञों के अनुसार, इन परीक्षाओं को मार्च की बजाए नवंबर-दिसंबर तक स्थगित करना चाहिए था। ताकि इन छात्रों को प्रोफेशनल परीक्षाओं में भाग लेने के लिए तैयारी का पूरा मौका मिल जाता। गौरतलब है कि सरकार के इस फैसले से कश्मीर संभाग के छात्रों में काफी गुस्सा है और उनका यह गुस्सा ट्वीटर और फेसबुक जैसी सोशल साइट्स पर भी देखने को मिल रहा है।

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